


भागलपुर।भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर “सबसे दूर-सबसे पहले” थीम पर आधारित जनजातीय गरिमा उत्सव अंतर्गत जनभागीदारी अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक जिले के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में चलाया जाएगा।
अभियान के तहत पीरपैंती प्रखंड की 22 पंचायतों के 42 गांव, सन्हौला प्रखंड की 07 पंचायतों के 19 गांव तथा कहलगांव प्रखंड की 01 पंचायत के 01 गांव सहित कुल 62 जनजातीय बहुल गांवों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर जनजातीय समुदाय को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिया जाएगा।

विशेष रूप से आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि योजना और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र लाभुकों को जोड़ा जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन कर नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित यह अभियान समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े जनजातीय लोगों तक सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य उन दुर्गम क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाना है, जहां अब तक योजनाओं का लाभ सीमित रूप से पहुंच पाया है।

उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन को लेकर संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। शिविरों के माध्यम से योग्य लाभुकों को योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करने के साथ जनजातीय समुदाय में जागरूकता फैलाने का कार्य भी किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण हेतु सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, दूरसंचार, बिजली और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के दौरान जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर जनजातीय लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके अलावा जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनजातीय गौरव के प्रतीक महापुरुषों के जीवन और योगदान से लोगों को अवगत कराया जाएगा।
अभियान के तहत 20 मई को सरकारी पदाधिकारियों, कर्मियों और सहयोगियों द्वारा सभी 62 जनजातीय गांवों में सामुदायिक यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली जाएगी तथा समाधान का प्रयास किया जाएगा।
















