
@ सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने और वंचित जेपी सेनानियों को पेंशन देने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर सत्याग्रह की चेतावनी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र, संपूर्ण क्रांति आंदोलनकारी मंच और जेपी स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित जेपी स्मारक स्थल पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती मनाई गई। केंद्र के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में सर्वधर्म प्रार्थना, माल्यार्पण, पुष्पांजलि और विचार-परिचर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि जेपी ने सत्ता और पद की परवाह किए बिना लोकतंत्र तथा जनाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 1974 का आंदोलन केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई थी, जिसे उन्होंने ‘संपूर्ण क्रांति’ का नाम दिया। वक्ताओं ने जेपी के विचारों को आत्मसात करने और उनकी जयंती को लोकतंत्र बचाओ दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया।
समारोह में बिहार सरकार और जिला प्रशासन से सैंडिस कंपाउंड स्थित जयप्रकाश उद्यान में जेपी तथा सैंडिस कंपाउंड या महात्मा गांधी पथ पर महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई। वक्ताओं ने सदर अस्पताल परिसर में लगे जर्जर बोर्ड को दुरुस्त कर उस पर जेपी का नाम भव्य रूप से अंकित करने और अस्पताल की समग्र व्यवस्था सुधारने की मांग भी उठाई। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर जेपी आंदोलनकारियों और आम नागरिकों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन एवं सत्याग्रह करने की चेतावनी दी।
बिहार सरकार से जेल गए और भूमिगत रहकर जेपी आंदोलन में भाग लेने वाले, लेकिन पेंशन एवं सम्मान के लाभ से वंचित सेनानियों को सम्मानजनक पेंशन देने की मांग की गई।
कार्यक्रम का संचालन संजय कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मोहम्मद तकी अहमद जावेद ने किया। विचार व्यक्त करने वालों में रामशरण, कमल जायसवाल, प्रकाश चंद्र गुप्ता, डॉ. मनोज मिता, सकलदेव सिंह, जीनी हमीदी, मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद महबूब आलम, डॉ. हबीब मुर्शिद खां, डॉ. विनोद कुमार, उमा घोष और अनीता शर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और जेपी आंदोलन से जुड़े लोग उपस्थित रहे।















