
अस्पताल के कर्मी भी श्रद्धा के साथ करते हैं माँ की पूजा, शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया जाता है नवरात्र
नवगछिया। नवगछिया स्थित सरकारी अनुमंडल अस्पताल परिसर में स्थापित माँ वैष्णवी दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर पूजा-पाठ और आराधना शुरू हो गई है। मंदिर में पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ माँ की पूजा-अर्चना की जा रही है। नवरात्र के दस दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर भक्तों में उत्साह है। अस्पताल परिसर में स्थित इस मंदिर में अस्पताल के कर्मी भी माँ की आराधना में श्रद्धापूर्वक शामिल होते हैं।
पंडित द्वारा विधि-विधान से होती है पूजा-अर्चना

माँ वैष्णवी दुर्गा के भक्त अमित कुमार पांडे ने बताया कि मंदिर में पंडित द्वारा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्र के दौरान दस दिनों तक माँ की आराधना होगी। इस दौरान नियमित रूप से पूजा और आरती की जाती है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार माँ के दरबार में पहुँचकर पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं।
उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान अस्पताल के कर्मी भी माँ की पूजा में श्रद्धापूर्वक शामिल होते हैं। धार्मिक आयोजन के कारण अस्पताल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहता है।
मंदिर में स्थापित हैं भगवान भोलेनाथ, बाबा बजरंगबली और माँ वैष्णवी दुर्गा की प्रतिमाएँ
अनुमंडल अस्पताल परिसर स्थित इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ, बाबा बजरंगबली और माँ वैष्णवी दुर्गा की प्रतिमाएँ स्थापित हैं। श्रद्धालु यहाँ पहुँचकर तीनों देवी-देवताओं के दर्शन करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र के अवसर पर माँ वैष्णवी दुर्गा की विशेष आराधना की जाती है। पूरे आयोजन में श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।
बिना बलि और बड़े मेले के शांतिपूर्ण ढंग से होती है पूजा

माँ वैष्णवी दुर्गा मंदिर में नवरात्र का आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में किया जाता है। यहाँ पशुबलि देने की परंपरा नहीं है और न ही बड़े मेले का आयोजन होता है। श्रद्धालु सादगी और श्रद्धा के साथ मंदिर पहुँचते हैं, माँ के दर्शन करते हैं तथा पूजा और आरती में भाग लेते हैं।
अस्पताल परिसर में स्थित होने के कारण यहाँ पूजा-अर्चना के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर ध्यान दिया जाता है, ताकि अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ भी सुचारु रूप से चलती रहें।
माँ वैष्णवी दुर्गा मंदिर में नवरात्र के दस दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। अस्पताल के कर्मियों और भक्तों की सहभागिता से यहाँ धार्मिक वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु माँ के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति और सभी के कल्याण की कामना कर रहे हैं।














