
ग्रीन पूर्णिया के नेतृत्व में चला विशेष अभियान, नन्हे खिलाड़ियों ने किया श्रमदान; जंगली झाड़ियों की सफाई और कूड़ेदान लगाने की उठी मांग
पूर्णिया। शहर के ऐतिहासिक इंदिरा गांधी स्टेडियम को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से रविवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय संस्था ग्रीन पूर्णिया के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में युवाओं, उभरते खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने श्रमदान कर स्टेडियम परिसर से प्लास्टिक कचरा हटाया और इसे प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

अभियान में एथलेटिक सोसाइटी और एकलव्य क्लब के नन्हे एवं युवा खिलाड़ियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा निखारने वाले इन खिलाड़ियों ने स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए परिसर के विभिन्न हिस्सों से प्लास्टिक की बोतलें, खाद्य पदार्थों के खाली पाउच और अन्य कचरा एकत्र किया। इस पहल के माध्यम से युवाओं ने संदेश दिया कि खेल और शारीरिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
प्लास्टिक कचरे से बढ़ रही थी परिसर में गंदगी
ग्रीन पूर्णिया के सदस्यों के अनुसार, इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह बड़ी संख्या में लोग टहलने और व्यायाम करने आते हैं। इस दौरान कई लोग अपने साथ पानी की प्लास्टिक बोतलें और खाद्य पदार्थों के पाउच लेकर आते हैं। इस्तेमाल के बाद इन वस्तुओं को परिसर में ही छोड़ दिए जाने से जगह-जगह प्लास्टिक कचरा जमा हो जाता है।

स्टेडियम शहर की महत्वपूर्ण खेल सुविधाओं में शामिल है। यहां खिलाड़ी अभ्यास करते हैं और बड़ी संख्या में नागरिक स्वास्थ्य लाभ के लिए पहुंचते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थल पर गंदगी और प्लास्टिक कचरे का जमा होना स्वच्छता के साथ पर्यावरण के लिए भी चिंता का विषय है।
इसी समस्या को देखते हुए ग्रीन पूर्णिया ने स्वच्छता अभियान आयोजित किया। अभियान में शामिल लोगों ने परिसर की सफाई करते हुए आम नागरिकों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थलों को कूड़ेदान न समझें। प्लास्टिक की बोतलें, पाउच और अन्य कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें, ताकि स्टेडियम की स्वच्छता बनी रहे।
जंगली झाड़ियों के बीच दब रहे अशोक के पौधे
स्वच्छता अभियान के दौरान स्टेडियम की चारदीवारी के अंदरूनी हिस्सों में उगी जंगली झाड़ियों की समस्या भी सामने आई। अभियान में शामिल सदस्यों ने पाया कि कई स्थानों पर घनी झाड़ियों के कारण पहले लगाए गए अशोक के पौधों के विकास में बाधा आ रही है।
ग्रीन पूर्णिया की ओर से पूर्व में परिसर में अशोक के पौधे लगाए गए थे। संस्था के सदस्यों के अनुसार, आसपास उगी झाड़ियों के कारण इन पौधों को पर्याप्त धूप और पोषण मिलने में परेशानी हो रही है। ऐसे में अभियान के दौरान पौधों के आसपास की झाड़ियों को हटाया गया, ताकि उन्हें बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
सदस्यों ने कहा कि पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहला कदम है, लेकिन उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधों की निगरानी और आसपास की सफाई नहीं की जाए, तो उनके विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
खेल प्रेमियों ने स्टेडियम प्रशासन से चारदीवारी के भीतर उगी जंगली झाड़ियों की नियमित कटाई और सफाई कराने की मांग की, ताकि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखा जा सके।
केवल एक दिन की सफाई नहीं, स्थायी बदलाव का लक्ष्य
ग्रीन पूर्णिया के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि इंदिरा गांधी स्टेडियम शहर की खेल प्रतिभाओं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि स्टेडियम में बढ़ता प्लास्टिक कचरा और चारदीवारी के भीतर उगी घनी झाड़ियां चिंता का विषय हैं। संस्था की ओर से लगाए गए अशोक के पौधों को भी इन झाड़ियों के कारण नुकसान पहुंच रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
डॉ. गुप्ता ने सुबह टहलने आने वाले लोगों और अन्य नागरिकों से अपील की कि वे स्टेडियम परिसर में प्लास्टिक की बोतलें और खाद्य पदार्थों के पाउच इधर-उधर न फेंकें। यदि कोई सामग्री अपने साथ लाते हैं, तो उपयोग के बाद उसे निर्धारित कूड़ेदान में डालें अथवा अपने साथ वापस ले जाएं।
उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिक सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक केवल सफाई अभियान चलाकर स्थायी बदलाव लाना संभव नहीं होगा। इसके लिए प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, खिलाड़ियों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा।
नगर निगम से कूड़ेदान उपलब्ध कराने की मांग
अभियान में शामिल खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने स्टेडियम परिसर में कूड़ेदान की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि परिसर में उचित स्थानों पर कूड़ेदान उपलब्ध हों और नियमित रूप से कचरे का उठाव किया जाए, तो प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फैलने से रोका जा सकता है।
लोगों ने नगर निगम से स्टेडियम में कूड़ेदान उपलब्ध कराने तथा संबंधित प्रशासन से परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की अपील की। इसके साथ ही चारदीवारी के भीतर उगी झाड़ियों की समय-समय पर कटाई कराने की मांग भी उठाई गई।
स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित स्टेडियम खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण देने के साथ शहर की सुंदरता भी बढ़ाएगा। इसके लिए नागरिकों को कचरा नहीं फैलाने और प्रशासन को सफाई व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
युवाओं की पहल की खेल प्रेमियों ने की सराहना
स्वच्छता अभियान में नन्हे खिलाड़ियों और युवाओं की भागीदारी की स्थानीय खेल प्रेमियों ने सराहना की। उनका मानना है कि खेल के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने से बच्चों और युवाओं में अनुशासन, सहयोग तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है।
इंदिरा गांधी स्टेडियम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि लोग कचरा नहीं फैलाएं और नियमित सफाई में सहयोग करें, तो ऐसे स्थलों को स्वच्छ बनाए रखना आसान हो सकता है।
अभियान में ये लोग हुए शामिल
स्वच्छता अभियान में ग्रीन पूर्णिया के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता के साथ दिलीप गुप्ता, रवींद्र कुमार साह, रहमान सर, अशोक मिश्रा, दीपक कुमार, संजय कुमार, संजीव कुमार, लता झा, सपना सिन्हा, अमिता गुप्ता, पूनम कुमारी, ज्ञानी कुमार, सोनम कुमारी, निक्की कुमारी, गुंजन कुमारी, राधिका मयूर, मोनू कुमार, युवराज कुमार, आयुष कुमार, रवि कुमार, अमित कुमार, बेसनवी मिश्रा, शुभम मिश्रा और आर्यन मिश्रा सहित अन्य सदस्य एवं खिलाड़ी शामिल रहे।
अभियान के माध्यम से प्रतिभागियों ने इंदिरा गांधी स्टेडियम को स्वच्छ रखने, प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया।















