


पूर्णिया के गुलाबबाग स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति के मुख्य द्वार पर पिछले एक सप्ताह से चल रहे ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ का रविवार को जोरदार समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शामिल हुए और किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।
सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान नीतियां किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर बना रही हैं और कृषि क्षेत्र को बड़े कॉरपोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने मक्का, मखाना और कपास जैसी स्थानीय फसलों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। साथ ही ‘टैरिफ जीरो’ जैसी नीतियों से गुलाबबाग जैसी ऐतिहासिक मंडियों के अस्तित्व पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अवसर सीमित हो रहे हैं और ‘अग्निवीर’ जैसी योजनाएं स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं हैं। उन्होंने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), खाद की उपलब्धता, कोल्ड स्टोरेज और भंडारण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
सांसद ने कहा, “यह संघर्ष केवल किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, आंदोलन जारी रहेगा।”
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और राजीव गांधी के योगदानों को याद करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत किया गया था, लेकिन वर्तमान नीतियां उस दिशा से भटक गई हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेख सदाम ने की, जबकि संचालन जिला कांग्रेस अध्यक्ष अफरोज आलम ने किया। इस मौके पर फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास सहित कई नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
समापन के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के दावे जमीनी स्तर पर सफल नहीं हुए हैं। सात दिनों तक चले इस सत्याग्रह ने सीमांचल के किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया है और इसके राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के संकेत दिए हैं।
















