


@ जर्जर पुल पर फिलहाल हल्के वाहनों की राह आसान करने की तैयारी, नए पुल के लिए बनेगा डीपीआर।
प्रदीप विद्रोही
कहलगांव (भागलपुर)। एनएच 80 पर स्थित कुआ नाला पुल अब सिर्फ मरम्मत का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि इसके भविष्य का भी फैसला हो गया है। पुल की उम्र लगभग पूरी हो चुकी है और एनएचएआई ने इसकी मरम्मत कराने में असमर्थता जता दी है। ऐसे में अब आरसीडी विभाग पुल की मरम्मत कराएगा, जबकि आगे चलकर इसी स्थान पर नए पुल के निर्माण की तैयारी होगी।

शनिवार को पुल का निरीक्षण करने पहुंचे पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुल को इस तरह दुरुस्त किया जाएगा कि हल्के वाहनों और खासकर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की आवाजाही में परेशानी न हो। इसके साथ ही नए कुआ नाला पुल के निर्माण की दिशा में भी काम शुरू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि बिहार के करीब 450 पुलों की तकनीकी टीम से जांच कराई गई है। जांच रिपोर्ट और जरूरत के आधार पर पुलों की मरम्मत या पुनर्निर्माण का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए पुलों के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रत्येक नए पुल पर क्यूआर कोड आधारित तकनीकी व्यवस्था होगी, जिससे पुल की निर्माण संबंधी जानकारी और उसकी आयु का पता लगाया जा सकेगा।
पुराने पुल की मरम्मत, नए पुल की तैयारी
मंत्री ने कहा कि कुआ नाला पुल के लिए जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर डीपीआर तैयार कराने की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने बताया कि कहलगांव विधायक ई. शुभानंद मुकेश के आग्रह पर वे पुल की स्थिति देखने पहुंचे हैं।
पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तत्काल मरम्मत के साथ भविष्य के स्थायी समाधान पर सरकार का जोर है। इसी क्रम में मंत्री अधिकारियों के साथ एनटीपीसी में समीक्षा बैठक भी करेंगे। बैठक में फोरलेन से भारी वाहनों के परिचालन की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
(बॉक्स)
अगस्त के बाद गंगा में होगा ‘गंगा हवन’
कहलगांव। पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने बताया कि 16 अगस्त के बाद भागलपुर में अनूठे ‘गंगा हवन’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत बुढ़ानाथ मंदिर से होगी और जल मार्ग से गंगा के रास्ते कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा जाएगा।
मंत्री के अनुसार गंगा के जल में ही हवन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। कार्यक्रम के दौरान स्टीमर के माध्यम से गंगा के रास्ते बाबा बटेश्वर स्थान तक जाने की योजना है। उन्होंने इसे भागलपुर के इतिहास में पहली बार होने वाला आयोजन बताया।
















