


केला, आम और मनराजी लीची की फसल को भारी नुकसान
नवगछिया और आसपास के इलाकों में देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अचानक बदले मौसम ने लोगों को राहत देने के बजाय मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं किसानों की मेहनत पर भी पानी फिर गया।
आंधी का सबसे अधिक असर बागवानी फसलों पर पड़ा है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर केला, आम और प्रसिद्ध मनराजी लीची की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों पर लगे फल टूटकर जमीन पर गिर गए, जबकि कई फलदार पेड़ भी क्षतिग्रस्त हो गए।
गोपालपुर के लतीपाकर धरहरा निवासी किसान चंदन कुमार सिंह और मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि आंधी में आम से लदे कई पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि फसल तैयार करने में काफी मेहनत और पूंजी लगाई गई थी, लेकिन कुदरत के कहर ने सबकुछ बर्बाद कर दिया।
मनराजी लीची के बागानों में भी भारी क्षति हुई है। किसानों का कहना है कि इस बार लीची की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी और बाहर के बाजारों में भेजने की तैयारी चल रही थी, लेकिन तेज आंधी ने फलों को नुकसान पहुंचा दिया। वहीं केला उत्पादक किसानों को भी काफी क्षति हुई है। कई खेतों में केले के पौधे तेज हवा के कारण गिर गए।
आंधी और बारिश के कारण कई गरीब परिवारों के झोपड़ीनुमा घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस्माइलपुर क्षेत्र में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। तेतरी-महादेवपुर घाट मार्ग सहित कई ग्रामीण सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित रहा।
बिजली आपूर्ति ठप हो जाने से लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में देर रात तक अंधेरा पसरा रहा।
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों एवं गरीब परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।













