


भागलपुर । विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नाविकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बरारी घाट स्थित नियंत्रण कक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने नाविकों के बीच चेक का वितरण किया। इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा 50 यात्री क्षमता वाले सुरक्षित और मानक अनुरूप नावों के पंजीकरण एवं संचालन की व्यवस्था की गई है। साथ ही नाव परिचालन में होने वाले खर्च की भरपाई के लिए प्रशासन द्वारा नाविकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुरूप दो दिनों के भीतर राशि प्राप्त हो गई और 4 जून की संध्या से ही चेक के माध्यम से नाविकों के बीच राशि वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को निःशुल्क नाव सेवा उपलब्ध हो सके और नाविकों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ नाविक राशि नहीं मिलने का हवाला देकर यात्रियों से अवैध रूप से किराया वसूल रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी भ्रामक बयान दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिन नाविकों को प्रशासन की ओर से राशि उपलब्ध करा दी गई है, यदि उनके खिलाफ यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायत प्राप्त होती है तो उनकी नाव जब्त कर ली जाएगी तथा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कोई नाविक उनसे किराया मांगता है तो इसकी सूचना तत्काल बरारी घाट स्थित नियंत्रण कक्ष या प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि 50 यात्रियों की क्षमता वाले योग्य नावों के मालिक यदि अभी तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, तो वे अपने आवश्यक दस्तावेज नियंत्रण कक्ष में जमा करें। प्रशासन द्वारा आधे घंटे के भीतर पंजीकरण
प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक सुरक्षित नावों का परिचालन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि छोटी और असुरक्षित नावों को परिचालन की अनुमति नहीं दी जा रही है, क्योंकि तेज हवा या प्रतिकूल मौसम में ऐसी नावों के पलटने का खतरा बना रहता है। यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए केवल मानक अनुरूप नावों को ही संचालन की अनुमति दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने भी नाविकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा यात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर सेवा उपलब्ध कराने की अपील की।
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार, अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था राकेश कुमार रंजन, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, नगर पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार चौधरी सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के अंत में प्रशासन ने दोहराया कि नाव सेवा पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
















