


होटल, ढाबा और बालू डिपो के सामने ट्रक-हाइवा की लंबी कतार, यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी
नवगछिया : नवगछिया में एनएच-31 किनारे संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं बालू डिपो के सामने भारी वाहनों के खड़े रहने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रंगरा थाना क्षेत्र से लेकर भवानीपुर थाना क्षेत्र तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सैकड़ों होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और बालू डिपो संचालित हो रहे हैं, जहां हर समय ट्रक, हाइवा एवं अन्य भारी वाहन सड़क किनारे खड़े दिखाई देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े वाहनों के सड़क किनारे खड़े रहने से एनएच-31 की चौड़ाई कम हो जाती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और हादसों की आशंका बनी रहती है। खासकर रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।

बताया जा रहा है कि सड़क किनारे खड़े अधिकांश वाहनों में न तो आगे और न ही पीछे इंडिकेटर या पार्किंग लाइट जलती रहती है। अंधेरे में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन चालक सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को समय पर नहीं देख पाते और सीधे टक्कर मार बैठते हैं। बीते वर्षों में इस कारण दर्जनों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई वाहन चालकों की जान जा चुकी है।
लोगों का आरोप है कि यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, भारी वाहन चालक घंटों तक सड़क किनारे वाहन खड़ा कर नाश्ता और भोजन करते हैं। आरोप यह भी है कि कुछ चालक गाजा, स्मैक और महुआ का सेवन कर आगे यात्रा करते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि एनएच किनारे अनियंत्रित तरीके से वाहनों के खड़े रहने से आम लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। छोटे वाहन चालकों एवं राहगीरों को अक्सर जाम और दुर्घटना की आशंका के बीच सफर करना पड़ता है।
इधर नवगछिया यातायात थानाध्यक्ष पुनि सुजीत कुमार वारसी ने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बालू डिपो या अन्य किसी भी दुकान के सामने एनएच पर ट्रक, हाइवा अथवा अन्य वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहनों को जब्त कर जुर्माना किया जाएगा और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।















