5
(2)

@ राघोपुर पंचायत में कटाव से पक्के मकान नदी में समाए, पीड़ितों ने मुआवजे के साथ सुरक्षित जगह पर जमीन और मकान देने की लगाई गुहार।

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। गंगा के भीषण कटाव से बेघर हुए राघोपुर पंचायत के 65 परिवारों ने सरकार और जिला प्रशासन से जमीन व मकान के नुकसान का उचित मुआवजा देने तथा सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी खेती योग्य जमीन पहले ही गंगा में समा चुकी थी और अब वर्षों की मेहनत से बनाए गए पक्के मकान भी नदी में विलीन हो गए हैं। ऐसे में परिवार के साथ रहने और दोबारा जिंदगी शुरू करने के लिए उनके पास कोई ठिकाना नहीं बचा है।

CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), default quality?

पहले जमीन गई, फिर छिन गया आशियाना

कटाव पीड़ितों के मुताबिक, खेती योग्य जमीन गंवाने के बाद उन्होंने ठेका पर जमीन लेकर खेती की और किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हुए मकान बनाया। लेकिन लगातार हो रहे कटाव ने उनका आखिरी सहारा भी छीन लिया।

एक पीड़ित ग्रामीण ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, ‘हमारी जमीन तो पहले ही गंगा में चली गई थी। परिवार चलाने के लिए ठेका पर खेती करते थे। मेहनत करके किसी तरह घर बनाया था, लेकिन अब वह घर भी गंगा में समा गया। आखिर हम अपने परिवार को लेकर कहां जाएं? सरकार हमारे नुकसान का मुआवजा दे और रहने के लिए जमीन व मकान की व्यवस्था करे।’

प्रशासन को सौंपी गई 65 परिवारों की सूची:

कटाव प्रभावित परिवारों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी गई है। इसमें पूर्व जिला पार्षद प्रेमशीला देवी, मधुसूदन मंडल, सुनील मंडल, पुरण यादव, कैलाश यादव, मोनू यादव, शिव मंडल मांझी और राजू मंडल सहित अन्य पीड़ितों के नाम शामिल हैं। प्रभावित परिवारों ने सूची के आधार पर नुकसान का सत्यापन कर नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।

कटाव के डर से सहमे ग्रामीण:

गंगा की धारा गांव की ओर बढ़ने से उन परिवारों में भी दहशत है, जिनके मकान अभी सुरक्षित हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि कटाव जारी रहा तो उनका आशियाना भी उजड़ सकता है। उन्होंने कटाव रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षात्मक कदम उठाने और पहले से बेघर हो चुके परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।

पीड़ितों का कहना है कि केवल राहत सामग्री से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। सरकार और जिला प्रशासन को नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने के साथ बेघर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर जमीन उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि वे फिर से अपना घर-परिवार बसा सकें।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: