


नवगछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पकरा गांव में हुए कन्हैया राय हत्याकांड ने तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजनों ने नवगछिया पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसको लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पकरा निवासी वाहन चालक कन्हैया राय (35), पिता स्वर्गीय गीरो राय, की 17 अप्रैल की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पत्नी जासो देवी के लिखित बयान पर नवगछिया थाना में गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है।
परिजनों का आरोप है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो मामले का खुलासा हुआ है और न ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मृतक के परिजनों का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे गांव के ही अरविंद राय, सुशील राय और शंकर राय शादी समारोह में जाने के बहाने कन्हैया राय को घर से बुलाकर ले गए थे। इसके करीब एक घंटे बाद ही उनके सड़क दुर्घटना में मौत की सूचना दी गई।
परिजनों का दावा है कि यह महज एक साजिश है। उनका कहना है कि कन्हैया राय की हत्या पहले ही कर दी गई थी और बाद में शव को डीजे वाहन के सामने रखकर इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर खून के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई देते, जबकि ऐसा नहीं था। इससे साफ प्रतीत होता है कि हत्या कहीं और की गई और शव को वहां लाकर रखा गया।
मृतक के भाई ललन राय ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच के नाम पर बार-बार परिजनों को थाने बुलाया जा रहा है और घंटों बैठाकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार इस मामले को दुर्घटना साबित करने का दबाव बना रही है, जबकि नामजद आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और पुलिस उनके घर तक नहीं जा रही है।
परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है। साथ ही उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा दिलाने की अपील की है।
इस संबंध में नवगछिया पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
















