


बेगूसराय में 14 साल की बेटी दीपिका की गवाही पर कोर्ट ने उसके पिता पवन राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी प्रकाश राय को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 मनोज कुमार की अदालत ने 5 मई को आरोपी को दोषी करार दिया था, जबकि 6 मई को सजा सुनाई गई।

दीपिका ने कोर्ट में बताया कि शिक्षक दिवस के दिन 5 सितंबर 2019 को उसके पिता पवन राय घर के बाहर आराम कर रहे थे। उसी दौरान पड़ोसी प्रकाश राय अपने साथियों धीरज राय, सत्यम कुमार और सकलदेव राय के साथ वहां पहुंचा। बिना कुछ बोले प्रकाश राय ने पवन राय के सीने में गोली मार दी। जब दीपिका पिता को बचाने दौड़ी तो आरोपियों ने उसके पीठ में भी गोली मार दी।
घटना के बाद पिता की मौत हो गई, जबकि घायल दीपिका को पहले साहेबपुर कमाल, फिर बेगूसराय और बाद में पटना पीएमसीएच रेफर किया गया। उसका करीब तीन महीने तक इलाज चला।

दीपिका ने बताया कि आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही थीं, लेकिन उसने बिना डरे कोर्ट में गवाही दी। उसकी गवाही को इस केस में सबसे अहम माना गया।
मृतक पवन राय की पत्नी गुंजन कुमारी ने घटना के दिन ही केस दर्ज कराया था। पुलिस ने एक महीने बाद मुख्य आरोपी प्रकाश राय को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसने 7 साल में चार बार Patna High Court में जमानत की याचिका दाखिल की, लेकिन हर बार उसकी बेल खारिज हो गई।

जांच में सामने आया कि हत्या की वजह खेत में लगी मकई की फसल को लेकर शुरू हुआ विवाद था। अगस्त 2019 में प्रकाश राय ने घोड़े से पवन राय की फसल रौंद दी थी। शिकायत करने पर दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इसी रंजिश में बाद में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।














