


भागलपुर। भाकपा (माले), आइसा एवं आरवाईए ने रविवार को TRE–4 अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और मुकदमे के विरोध में राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस मनाया। इस दौरान भागलपुर के सुरखीकल में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि TRE–4 की वैकेंसी तुरंत जारी की जाए, अभ्यर्थियों की जायज मांगों को पूरा किया जाए तथा गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा कर उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। साथ ही लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और घायल अभ्यर्थियों के इलाज एवं मुआवजे की भी मांग की गई।
इस मौके पर भाकपा (माले) के नगर प्रभारी एवं ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने कहा कि बिहार में लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार बहाली निकालने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी युवा रोजगार और शिक्षा की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरते हैं, सरकार पुलिस बल के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश करती है। मुकेश मुक्त ने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की साजिश बताया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि TRE–4 अभ्यर्थियों पर किया गया लाठीचार्ज सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। उन्होंने महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी निंदा की और कहा कि युवाओं के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।














