


पूर्णिया।बाल श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर पूर्णिया जिले में व्यापक विशेष अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों में बाल श्रम के विरुद्ध कार्रवाई की गई। श्रम अधीक्षक जगन्नाथ पासवान के मार्गदर्शन में गुरुवार को गठित धावा दल की टीम ने जिले के सभी प्रखंडों में बाल श्रम उन्मूलन एवं विमुक्ति अभियान संचालित किया।

अभियान के दौरान जिले के दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों एवं गैरेजों में सघन छापेमारी की गई। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों के नियोजकों से बाल श्रम नहीं कराने संबंधी शपथ पत्र भरवाया गया तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।
संयुक्त श्रम भवन परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसके माध्यम से लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणाम एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्रवाई के क्रम में रूपौली प्रखंड से कुल चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। धावा दल का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी संजीव कुमार चौधरी (रूपौली, प्रभारी भवानीपुर) ने किया। टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पवन कुमार शर्मा (बनमनखी), अमरनाथ यादव (डगरूआ), कुमार गौरव (के. नगर) सहित प्रयास जैक सोसाइटी के प्रतिनिधि अवधेश कुमार, शेखर तिर्की, शाहिद आलम एवं स्थानीय थाना पुलिस बल शामिल रहे।
विमुक्त सभी चार बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। श्रम विभाग ने दोषी नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रम एवं किशोर (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए प्रति बाल श्रमिक 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।
















