


पूर्णिया। जिले के खेल प्रेमियों और उभरते एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार सरकार द्वारा पूर्णिया में “एकलव्य एथलेटिक्स” की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। इस पहल से जिले के खिलाड़ियों को अब बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनका भविष्य और अधिक उज्ज्वल बनने की उम्मीद है।

जिला एथलेटिक संघ के अध्यक्ष नीलम अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बिहार सरकार एवं खेल मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक नया मंच मिलेगा। इसके अंतर्गत चयनित 30 खिलाड़ियों को सरकारी खर्च पर प्रशिक्षित किया जाएगा। खिलाड़ियों को सरकार द्वारा नियुक्त प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में प्रतिदिन सुबह एवं शाम इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स सभी खेलों की “मां” मानी जाती है, क्योंकि हर खेल में फिटनेस और गति की आवश्यकता होती है। ऐसे में जिला एथलेटिक संघ खिलाड़ियों से आह्वान करता है कि वे स्टेडियम पहुंचकर नियमित प्रशिक्षण लें और अपने खेल कौशल को बेहतर बनाएं।
संघ अध्यक्ष ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का हरा-भरा वातावरण और सिंथेटिक ट्रैक बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। खिलाड़ियों के स्टेडियम में प्रवेश के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा, जिसका आवेदन फॉर्म स्टेडियम परिसर में उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी उठा सकेंगे।

जिला प्रशासन भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह संकल्पित नजर आ रहा है। संघ पदाधिकारियों ने जिला खेल पदाधिकारी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके सकारात्मक प्रयासों से जिले में खेल संस्कृति को मजबूती मिल रही है।
हाल ही में आयोजित जिला एथलेटिक प्रतियोगिता का सफल आयोजन बिहार एथलेटिक संघ के सचिव लियाकत अली की उपस्थिति में संपन्न हुआ था। अब आगामी 10 से 13 जून तक पटना में होने वाली राज्य स्तरीय एथलेटिक प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है।
संघ के सचिव एम एच रहमान एवं सह-सचिव असद राजा लगातार मजबूत टीम तैयार करने में जुटे हैं। उनका लक्ष्य है कि इस वर्ष पूर्णिया के खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले के लिए अधिक से अधिक पदक जीतें और पूर्णिया का नाम रोशन करें।
















