


पूर्णिया : पटना के अधिवेशन भवन में आयुष मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘हैनिमैन जयंती समारोह सह साइंटिफिक सेमिनार’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों और गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि होम्योपैथी का इतिहास मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने बताया कि डॉ. सैमुअल हैनिमैन द्वारा 18वीं सदी में स्थापित यह चिकित्सा पद्धति ‘सम: समं शमयति’ (Similia Similibus Curentur) के सिद्धांत पर आधारित है और आज विश्व की प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों में शामिल है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने भारत में आयुष प्रणाली की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पद्धति ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने आयुष मेडिकल एसोसिएशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा चिकित्सकों के कौशल विकास और वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देना सराहनीय पहल है।
तारकिशोर प्रसाद ने विश्वास जताया कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे ऐसे आयोजन और शोध कार्य भविष्य में एक स्वस्थ और समृद्ध बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती पर सभी चिकित्सकों और एसोसिएशन के सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
















