


प्रेम विवाह से नाराज होकर की गई थी तीनों की हत्या, नवगछिया व्यवहार न्यायालय ने सुनाया फैसला
नवगछिया। गोपालपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव में करीब ढाई वर्ष पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड में नवगछिया व्यवहार न्यायालय ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय नीतू कुमारी की अदालत ने पुत्री, दामाद और नतिनी की हत्या के मामले में दोषसिद्ध पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

सजा गोपालपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया निवासी पप्पू सिंह और उसके पुत्र धीरज सिंह को सुनाई गई है। मामला 9 जनवरी 2024 का है। अभियोजन के अनुसार, चांदनी कुमारी के गांव के ही चंदन कुमार से प्रेम विवाह करने से उसके पिता पप्पू सिंह और भाई धीरज सिंह नाराज थे। इसी विवाद में तीनों की हत्या की गई थी।
तीन लोगों की हुई थी हत्या
मृतकों में नवटोलिया निवासी गणेश प्रसाद सिंह के पुत्र चंदन कुमार, उनकी पत्नी चांदनी कुमारी और चंदन कुमार की करीब डेढ़ वर्षीय पुत्री रौशनी कुमारी शामिल थीं।
मामले में मृतक चंदन कुमार के भाई केदारनाथ सिंह के बयान पर गोपालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि चांदनी कुमारी ने गांव के ही चंदन कुमार से प्रेम विवाह किया था। इस विवाह को लेकर उसके पिता पप्पू सिंह और भाई धीरज सिंह नाराज थे तथा चांदनी को लगातार धमकी दिए जाने की बात कही गई थी।
निर्माणाधीन मकान के पास हुई थी घटना

प्राथमिकी के अनुसार, 9 जनवरी 2024 को चंदन कुमार अपनी पत्नी चांदनी कुमारी और पुत्री रौशनी कुमारी के साथ पुराने घर से नए घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अनिल सिंह के निर्माणाधीन मकान के पास दोनों आरोपितों ने उन्हें रोक लिया। अभियोजन के अनुसार, लोहे की रॉड से हमला करने और गोली चलाने के बाद चंदन कुमार, चांदनी कुमारी और रौशनी कुमारी की हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद गोपालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पप्पू सिंह और धीरज सिंह को दोषी करार दिया।
अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा
न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
धारा 506 के तहत दोनों को दो-दो वर्ष की सजा सुनाई गई। पप्पू सिंह को धारा 307 के तहत 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई।
वहीं धीरज सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। इस कारण दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजाओं में से निर्धारित अवधि के अनुसार सजा भुगतनी होगी।
सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक श्रीकिशोर झा ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से बहस में हिस्सा लिया। न्यायालय के फैसले के बाद करीब ढाई वर्ष पुराने इस तिहरे हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन हुआ।
















