


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन और सार्वजनिक समारोहों में तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के लिए भागलपुर पुलिस ने सख्त चेतावनी जारी की है। पटना हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आम लोगों, आयोजकों और डीजे संचालकों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
भागलपुर पुलिस के अनुसार, रात 9:55 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। दिन में भी ध्वनि की तीव्रता निर्धारित सीमा के भीतर रखना अनिवार्य होगा। ध्वनि स्तर को 70 से 45 डेसीबल की निर्धारित सीमा में रखने का निर्देश दिया गया है।

मैरिज हॉल और डीजे संचालक भी आएंगे दायरे में
मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल और डीजे संचालकों को प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप आवश्यक पंजीकरण और अभिलेखों का संधारण करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर आयोजकों के साथ-साथ डीजे संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल और स्कूल के आसपास तेज आवाज पर रोक
पुलिस ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य साइलेंस जोन में विशेष सावधानी बरतने को कहा है। इन क्षेत्रों के आसपास तेज हॉर्न, डीजे या लाउडस्पीकर का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान केवल डीजे तक सीमित नहीं रहेगा। वाहनों में मानक के विपरीत प्रेशर हॉर्न लगाने या अनावश्यक रूप से तेज हॉर्न बजाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि समारोहों में उत्सव मनाते समय बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों, विद्यार्थियों और आसपास रहने वाले लोगों की सुविधा का ध्यान रखें। पुलिस का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण महज असुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण से जुड़ा गंभीर विषय है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले आयोजकों, डीजे संचालकों, वाहन चालकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
















