
महादेवपुर घाट के पास ब्रह्म बाबा स्थान के समीप कई घर और मंदिर का हिस्सा प्रभावित, प्रशासन ने सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था की
नवगछिया। राघोपुर काजीकोरिया क्षेत्र में महादेवपुर घाट के समीप ब्रह्म बाबा स्थान के पास गंगा नदी के तटबंध में लगभग 125 मीटर तक कटाव होने से स्थिति गंभीर हो गई है। कटाव के कारण कुछ घरों के साथ ब्रह्म बाबा मंदिर का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कटाव को रोकने के लिए बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जल संसाधन विभाग की टीम ने तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कटाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्य शुरू कर दिए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर बचाव कार्यों में तेजी लाई जा रही है।

कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम
प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और तकनीकी टीमों को कटाव की स्थिति का लगातार आकलन करने तथा निरोधात्मक कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। साथ ही किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने को कहा गया है।
कटाव से प्रभावित घरों और मंदिर के आसपास की स्थिति को देखते हुए एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ प्रभावित लोगों को संभावित खतरे से बचाना है।
प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था

जिला प्रशासन के अनुसार, संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित आश्रय स्थलों और शरणगृहों की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। प्रशासन स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार निगरानी रख रहा है, ताकि लोगों की सुरक्षा के साथ राहत और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
नदी किनारे के असुरक्षित स्थानों से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि कटाव प्रभावित क्षेत्र और नदी किनारे के असुरक्षित स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। प्रशासन तथा संबंधित विभागों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या खतरे की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।
तटबंध पर कटाव की गंभीरता को देखते हुए आने वाले समय में बचाव कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया है।














