


@ सुल्तानगंज में मेले से पहले प्रशासन की बड़ी तैयारी, 15-16 अस्थायी थाने, 24 घंटे एम्बुलेंस और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत से पहले सुल्तानगंज में सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने इस बार अलग रणनीति अपनाई है। श्रद्धालुओं की भीड़ में असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी इस बार कांवड़िया और ‘बोल बम’ के वेश में भी तैनात रहेंगे। इसका उद्देश्य भीड़ में घुल-मिलकर चोरी, पॉकेटमारी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना है।
मेले की तैयारियों का जायजा लेने गुरुवार को डीएम अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने नमामि गंगे घाट, उद्घाटन स्थल, बैरिकेडिंग, पार्किंग, जर्मन हैंगर टेंट सिटी और बाबा अजगैवीनाथ मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अरघा प्रणाली और परिक्रमा पथ की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश भी दिए।
प्रशासन के अनुसार मेले की करीब 80 प्रतिशत तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार गंगा घाटों की बैरिकेडिंग में जाली लगाई गई है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। वहीं पार्वती मंदिर जाने वाले क्षतिग्रस्त लोहे के पुल को तत्काल बंद कर श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। मेला क्षेत्र में कुल 13 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर संचालित होंगे। बांग्ला सावन शुरू होने के कारण पांच प्रमुख स्थानों – नमामि गंगे घाट, कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष, नारद पुल, धांधी बेलारी समेत अन्य जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही शुरू कर दी गई हैं। सभी शिविरों में तीन पालियों में डॉक्टर, एएनएम और मेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे, जबकि नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट और धांधी बेलारी में 24 घंटे एम्बुलेंस उपलब्ध रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 15 से 16 सहायक पुलिस थाने और ट्रैफिक थाने बनाए जा रहे हैं। 26 जुलाई से अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती शुरू होगी। त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, सीसीटीवी निगरानी और कांवड़िया वेश में पुलिस की मौजूदगी इस बार श्रावणी मेले की सबसे खास सुरक्षा रणनीति मानी जा रही है।
















