


भागलपुर। श्रावणी मेले के दौरान बारारी घाट पर तैनात SDRF टीम और आपदा मित्रों की सतर्कता व त्वरित कार्रवाई से सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं में एक पुरुष और एक महिला की जान बचा ली गई। दोनों मामलों में बचाव दल ने समय रहते रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
पहली घटना बारारी सीढ़ी घाट की है, जहां गंगा नदी में डूब रहे ब्रजेश कुमार झा (निवासी न्यू शिवपुरी कॉलोनी, तिलकामांझी) को SDRF टीम और आपदा मित्रों ने सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना मिलने पर उनके पुत्र अंकित कुमार झा भी मौके पर पहुंचे, लेकिन ब्रजेश कुमार झा ने उनके साथ घर जाने से इनकार कर दिया। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए SDRF टीम ने उन्हें बेहतर
चिकित्सीय जांच और उपचार के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) भेज दिया।
दूसरी घटना बारारी पुल घाट पर हुई, जहां पारिवारिक विवाद से मानसिक तनाव में एक महिला आत्महत्या की नीयत से गंगा में उतर गई। मौके पर तैनात SDRF जवानों ने तत्काल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाव के बाद भी महिला मानसिक तनाव में थी और दोबारा नदी में कूदने की बात कह रही थी। स्थिति को देखते हुए SDRF ने उसे सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए आगे की कार्रवाई के लिए बारारी थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
जिला प्रशासन ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा के लिए प्रमुख घाटों पर SDRF, आपदा मित्र और अन्य बचाव दलों की तैनाती की गई है। सोमवार की दोनों घटनाएं बचाव दलों की सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण हैं, जिनकी बदौलत दो लोगों की जान बचाई जा सकी।

















