


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शहर में बाढ़ के पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को कई इलाकों और शैक्षणिक परिसरों में पानी पहुंचने की सूचना सामने आई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकल रहे हैं। इस दौरान कुछ स्कूल-कॉलेज परिसरों में विस्थापितों के पहुंचने से प्रशासन के सामने उनके ठहरने और व्यवस्था का सवाल भी सामने आया।

सीएमएस स्कूल मैदान में पहुंचे बाढ़ प्रभावित
शंकरपुर चौवनियां क्षेत्र से बाढ़ प्रभावित कुछ लोग अपने मवेशियों के साथ सीएमएस स्कूल मैदान की ओर पहुंचे। लोगों के मवेशियों के साथ पहुंचने के कारण आसपास की सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने की सूचना है।
बाढ़ की स्थिति में मवेशियों को साथ लेकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचना पशुपालकों के लिए एक अतिरिक्त चुनौती बना हुआ है। प्रभावित परिवारों के लिए आश्रय स्थल उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए भी स्थान की जरूरत महसूस की जा रही है।
टीएनबी कॉलेजिएट स्कूल परिसर में भी बाढ़ प्रभावित लोगों के पहुंचने की सूचना मिली। मैदान में लोगों के पहुंचने के बाद उन्हें वहां ठहरने से रोकने का प्रयास किया गया। मौके पर अंचलाधिकारी और नगर निगम के कर्मचारियों के मौजूद रहने की बात सामने आई है।
इसी दौरान मैदान में मौजूद बाढ़ विस्थापितों की ओर से हंगामा किए जाने की सूचना है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित आश्रय का सवाल महत्वपूर्ण है। वहीं, शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों के उपयोग को लेकर प्रशासन को सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना पड़ रहा है।
लालबाग स्थित गर्ल्स हॉस्टल में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने की सूचना है। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल खाली करने का आदेश दिए जाने की बात सामने आई है।
बताया गया है कि हॉस्टल में फिलहाल चार छात्राएं रह रही हैं और उन्होंने अभी हॉस्टल खाली नहीं किया है। छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने को लेकर प्रशासन या संबंधित संस्थान की ओर से क्या व्यवस्था की गई है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
बाढ़ के पानी से प्रोफेसर कॉलोनी भी प्रभावित हुई है। कॉलोनी के जलमग्न होने की सूचना है। पानी के फैलाव से वहां रहने वाले लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ का पानी विश्वविद्यालय परिसर में भी प्रवेश कर चुका है।
प्रशासन के सामने राहत और विस्थापन की चुनौती

शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी पहुंचने के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों के विस्थापन और उनके लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की चुनौती बढ़ रही है। खासकर उन परिवारों के लिए स्थिति अधिक कठिन है, जो अपने घरों से निकलते समय मवेशियों को भी साथ लेकर जा रहे हैं।
















