


नवगछिया अनुमंडल के सिंघिया मकंदपुर स्थित ज्ञान वाटिका विद्यालय में शिक्षक दिवस पर शनिवार को उत्साह और उमंग के बीच भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य, सचिव एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। केक काटकर समारोह को आगे बढ़ाया गया।

मंच संचालन अनिमेष सर ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। विद्यार्थियों को उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने के साथ गुरुजनों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखना चाहिए।
प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षक की भूमिका पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण भी शिक्षक के महत्वपूर्ण दायित्वों में शामिल है। उन्होंने सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और संस्कार को जरूरी बताया। विद्यालय सचिव ने शिक्षकों को शिक्षण संस्थान की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके समर्पण और योगदान की सराहना की।
सर्वेश सर ने विद्यार्थियों से मेहनत के साथ अनुशासन और अच्छे संस्कार अपनाने की अपील की। वहीं अमर सर ने गुरु-शिष्य संबंध को पवित्र बताते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जिम्मेदारी और संस्कार विकसित करने का संदेश दिया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कक्षा नौ के छात्र-छात्राओं के नाटक ने दर्शकों को प्रभावित किया, जबकि कक्षा नौ की छात्रा ने एकल नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जूनियर वर्ग की छात्राओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भक्ति और उल्लास का रंग भर दिया।

समारोह के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से शिक्षक-शिक्षिकाओं को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के बीच टॉफी भी वितरित की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना से सराबोर रहा।
















