


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सृजन घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले में भागलपुर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला नजारत शाखा में तैनात लिपिक-सह-नाजिर अमरेन्द्र कुमार यादव को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में उन पर लगाए गए गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप प्रमाणित पाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, विभागीय कार्यवाही की रिपोर्ट और उनके बचाव में दिए गए स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया।
2017 के घोटाले से जुड़ा मामला:
यह कार्रवाई वर्ष 2017 में सामने आए सृजन घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों की पृष्ठभूमि में हुई है। मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से भी जांच और अभियोजन की कार्रवाई की गई थी। इसी क्रम में अमरेन्द्र कुमार यादव के विरुद्ध भी आरोप सामने आए थे।

विभागीय कार्यवाही के दौरान अलग-अलग आरोपों, दस्तावेजी साक्ष्यों और संबंधित कर्मी के बचाव पक्ष को जांच के दायरे में रखा गया। संचालन पदाधिकारी की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने अंतिम निर्णय लिया।
बर्खास्तगी के साथ सरकारी नौकरी का रास्ता भी बंद:
जारी आदेश के मुताबिक अमरेन्द्र कुमार यादव को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है। इस कार्रवाई का असर सिर्फ मौजूदा नौकरी तक सीमित नहीं रहेगा। बर्खास्तगी का दंड भविष्य में सरकार के अधीन नियोजन के लिए भी निरर्हता के रूप में प्रभावी होगा।
‘वित्तीय गड़बड़ी पर समझौता नहीं’:
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई को सरकारी कामकाज में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। सरकारी धन और व्यवस्था से जुड़े मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सृजन घोटाले ने वर्षों पहले भागलपुर की वित्तीय व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया था। अब उससे जुड़े मामले में एक सरकारी कर्मी की बर्खास्तगी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सरकारी धन से जुड़ी अनियमितता की कीमत सेवा से बाहर होकर भी चुकानी पड़ सकती है।

















