


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सुरक्षित शनिवार के अवसर पर जिला के कहलगांव प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय मिर्धाचक आदिवासी टोला में शनिवार को बच्चों को भूकंप जैसी आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान मॉकड्रिल आयोजित कर बच्चों को आपदा की स्थिति में सुरक्षित रहने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

मॉकड्रिल के दौरान सायरन बजते ही बच्चों ने ‘झुको, ढको और पकड़ो’ की प्रक्रिया का अभ्यास किया। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही सिर और शरीर को चोट से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की जानकारी दी गई।
प्रधान शिक्षक अर्जुन केशरी ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ बच्चों की सुरक्षा भी विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी और नियमित अभ्यास से बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास बढ़ता है। सुरक्षित शनिवार जैसे कार्यक्रम बच्चों को संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षक रंजीत कुमार ने कहा कि बच्चों को आपदा के समय स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता करने के लिए भी प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण से बच्चों को आपदा के समय सही निर्णय लेने में मदद मिलती है।

















