0
(0)

नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर लोगों को सड़क मार्ग की परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर महादेवपुर गंगा घाट पर नाव से सफर करने वाले यात्रियों को भीषण गर्मी, तेज धूप और लंबा इंतजार भारी पड़ रहा है। शनिवार को घाट पर लोगों की परेशानी साफ नजर आई।

भीषण गर्मी और चल रही तेज लू के बीच गंगा पार करने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही महादेवपुर घाट पर जुटे रहे। यात्रियों को नाव के इंतजार में घंटों घाट पर खड़ा रहना पड़ा। तपती बालू, गर्म हवाओं और उमस भरे माहौल ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। नाव मिलने के बाद भी राहत नहीं मिली, क्योंकि गंगा के बीच तेज धूप और गर्म हवा के बीच यात्रा करना लोगों के लिए किसी यातना से कम नहीं था।

घाट पर सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ी। कई यात्री सिर पर गमछा और कपड़ा रखकर धूप से बचने का प्रयास करते नजर आए। कुछ लोग पेड़ों की छांव और अस्थायी दुकानों के नीचे बैठकर नाव आने का इंतजार करते दिखे। दोपहर के समय तेज धूप के कारण घाट और आसपास की सड़कें लगभग सूनी पड़ गईं। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

यात्रियों ने बताया कि सुबह से ही घाट पर काफी भीड़ लगी रहती है। नाव की संख्या सीमित होने के कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। गर्म बालू पर खड़े रहना और तेज लू के बीच सफर करना काफी मुश्किल हो रहा है। कई यात्रियों ने प्रशासन से घाट पर पेयजल, छाया और अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने की मांग की।

वहीं दूसरी ओर प्रशासन द्वारा विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर राहत कार्य जारी है। बरारी की ओर क्षतिग्रस्त हिस्से के पास करीब 34 मीटर क्षेत्र में बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार आगामी 7 जून तक पुल पर छोटे और हल्के वाहनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।

हालांकि तब तक लोगों को नाव यात्रा और भीषण गर्मी की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। महादेवपुर घाट पर मौजूदा हालात लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों और आवागमन संकट की गंभीर तस्वीर पेश कर रहे हैं।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: