


एसडीएम के निर्देश पर प्रशासन ने की कार्रवाई, नदी के प्रवाह में रुकावट और तटबंध पर बढ़ते दबाव की आशंका को देखते हुए उठाया कदम
नवगछिया । इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने गंगा के विपरीत हिस्से में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए बांस और जाल को हटवा दिया। मछुआरों द्वारा नदी में लगाए गए बांस और जाल के कारण नदी के प्राकृतिक प्रवाह में रुकावट तथा रेत जमाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई थी। प्रशासन के अनुसार, इससे भविष्य में तटबंध और स्पर पर पानी का दबाव बढ़ सकता है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए नवगछिया बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अभियंता गौतम कुमार ने नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि इस्माइलपुर-बिंद टोली तटबंध की सुरक्षा के लिए गंगा के विपरीत हिस्से में नदी की धारा को नियंत्रित रखने तथा तटबंध और स्पर पर पानी के दबाव को कम करने के उद्देश्य से सोल कटिंग सहित कई आवश्यक कार्य कराए जाते हैं।
ऐसे में नदी में बांस और जाल लगाए जाने से जल प्रवाह प्रभावित होने तथा संबंधित क्षेत्र में रेत जमाव की स्थिति बनने की आशंका व्यक्त की गई थी। कार्यपालक अभियंता ने तटबंध की सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस पर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया था।
एसडीएम के निर्देश पर पहुंची प्रशासनिक टीम

कार्यपालक अभियंता के आवेदन के बाद नवगछिया एसडीएम सह प्रशिक्षु भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के. परीक्षित ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने गोपालपुर के अंचलाधिकारी रोशन कुमार और थानाध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
निर्देश मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंची। टीम ने नदी के विपरीत हिस्से में मछुआरों द्वारा मछली पकड़ने के लिए लगाए गए बांस और जाल को हटवाया। कार्रवाई के दौरान लगाए गए बांस और जाल को जब्त कर लिया गया।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि नदी में ऐसे किसी भी प्रकार के अवरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे तटबंध की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका हो।
तटबंध की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी
नवगछिया एसडीएम के. परीक्षित ने कहा कि तटबंध की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने की स्थिति में छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए तटबंध और उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जाएगी।
जल प्रवाह प्रभावित होने की जताई गई थी आशंका
बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों के अनुसार, तटबंध की सुरक्षा के लिए नदी की धारा और जल प्रवाह की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। नदी के प्रवाह में किसी प्रकार की रुकावट आने से संबंधित स्थान पर रेत जमने की स्थिति बन सकती है। इससे नदी की धारा प्रभावित होने के साथ तटबंध या स्पर पर पानी के दबाव की स्थिति बदल सकती है।
इसी कारण प्रशासन की ओर से नदी के ऐसे हिस्सों में लगाए गए बांस और जाल को हटाया गया है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और मछुआरों से भी अपील की है कि तटबंध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी में ऐसे किसी भी प्रकार की गतिविधि न करें, जिससे जल प्रवाह या तटबंध की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका हो।
















