


एक जिंदगी बुझी, दूसरी मौत से जंग लड़ रही, परिवारों में पसरा मातम
भागलपुर। तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर दो परिवारों की खुशियां छीन ले गया। बांका जिले के सबलपुर में हुए भीषण सड़क हादसे में घायल एक युवक की भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्ति अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांका जिले के सबलपुर क्षेत्र में दूध सप्लाई करने वाली एक तेज रफ्तार काउंटर गाड़ी ने सड़क किनारे मौजूद तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल एक युवक को बेहतर उपचार के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया। हालांकि उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान पप्पू दास (35 वर्ष), पिता गोवर्धन दास के रूप में हुई है। वहीं हादसे में मृत दूसरे व्यक्ति के शव को बांका पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि दुर्घटना में घायल तीसरे व्यक्ति की स्थिति अभी भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है। उसका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है और परिजन उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण वाहन की तेज रफ्तार बताया जा रहा है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। मायागंज अस्पताल में जहां परिजनों की आंखों के सामने एक युवक ने अंतिम सांस ली, वहीं दूसरी ओर एक और परिवार अस्पताल में अपने प्रियजन की जिंदगी बचाने की उम्मीद में संघर्ष कर रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और गम का माहौल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण, नियमित जांच अभियान और सड़क सुरक्षा के प्रभावी उपाय लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।













