


पीरपैंती । पीरपैंती सहारा कॉलोनी स्थित रेशमी अनुजालय परिसर में आयोजित द्विदिवसीय संतमत सत्संग का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम का समापन सहरसा वाले स्वामी निर्मलानन्द जी महाराज के अंतिम उपदेश और आशीर्वचन के साथ संपन्न हुआ। सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा परिसर भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम का सफल संचालन मलिकपुर पीरपैंती लक्ष्मी नारायण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार पासवान के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान संत-महात्माओं के सान्निध्य और आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे।
सत्संग में लालू पासवान, लक्ष्मण दास, शिवदास, हेगुरु, नीतू कुमारी, रेशमी कुमारी, श्रीमती देवी और गोपाल मंडल द्वारा प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्ति गीतों और संतवाणी से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
मंच से सत्संगयोग के चारों भागों, योगशिखोपनिषद, संत कबीर, गुरु नानक देव और महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की शिक्षाओं पर आधारित प्रवचन प्रस्तुत किए गए। मंचस्थ संतों और वक्ताओं ने अपने दिव्य विचारों से श्रोताओं को आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. शिवनाथ बाबा ने अपने संबोधन में कहा कि गणित में एक और एक का योग दो होता है, लेकिन अध्यात्म में एक और एक का योग केवल एक ही होता है। उन्होंने कहा कि जब जीवात्मा ईश्वर भक्ति के माध्यम से प्रभु को प्राप्त कर लेता है, तब जीव और शिव का भेद समाप्त हो जाता है।
मुख्य उपदेशकर्ता स्वामी निर्मलानन्द जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार पासवान का परिवार पिछले दस पीढ़ियों से योगीकुल परंपरा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस परिवार में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी लोग निरामिष जीवन अपनाकर भगवद्भजन और आध्यात्मिक साधना में लगे रहते हैं। यहां साधु-संतों का आगमन लगातार होता रहता है, जो इस परिवार की आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयुष, अभिनव, ओमराम, बोलोबम, कृष्णा, अर्जुन, विशाल, गुलशन और शंकर साह सहित कई युवाओं और श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समापन अवसर पर उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद और महाप्रसाद का वितरण किया गया। सत्संग के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत माहौल बना रहा।
















