


@ आगामी 29 अगस्त से विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही बंद की घोषणा हो चुकी है। भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रस्तावित मरम्मत एवं निर्माण कार्य को बारिश, गंगा के बढ़े जलस्तर और आगामी प्रमुख पर्व-त्योहारों के बाद शुरू कराने का आग्रह किया है।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु की मरम्मत को लेकर अब सवाल सिर्फ पुल की सुरक्षा का नहीं, बल्कि आने वाले पर्व-त्योहारों में लाखों लोगों की आवाजाही का भी है। मालूम हो कि आगामी 29 अगस्त से आवाजाही बंद की घोषणा हो चुकी है। भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर प्रस्तावित मरम्मत एवं निर्माण कार्य को बारिश, गंगा के बढ़े जलस्तर और आगामी प्रमुख पर्व-त्योहारों के बाद शुरू कराने का आग्रह किया है।

सांसद ने 18 जुलाई 2026 को हुई दिशा समिति की बैठक का हवाला देते हुए कहा है कि सितंबर से नवंबर के बीच दुर्गापूजा, दीपावली और छठ महापर्व के कारण भागलपुर के साथ नवगछिया, कोसी और सीमांचल क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में विक्रमशिला सेतु पर यातायात सीमित या बाधित हुआ तो इसका सीधा असर आम यात्रियों से लेकर मरीजों, विद्यार्थियों और कारोबारियों तक पड़ेगा।
सबसे बड़ी चिंता आपातकालीन सेवाओं को लेकर है। पुल पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे पहले से व्यस्त वैकल्पिक रास्तों पर जाम का दबाव और बढ़ने की आशंका है।
सांसद का तर्क साफ है कि मरम्मत जरूरी है, लेकिन समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुल की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए, मगर बाढ़ और त्योहारों के दौरान पैदा होने वाली भीड़ को देखते हुए कार्य की शुरुआत का समय ऐसा रखा जाए, जिससे आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो।
यानी मामला पुल की मरम्मत बनाम यातायात का नहीं, बल्कि सुरक्षा और जनसुविधा के बीच सही समय चुनने का है। सांसद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बाढ़ का असर और पर्व-त्योहारों की भीड़ समाप्त होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि जरूरी काम भी हो और लाखों लोगों की आवाजाही भी बेवजह न फंसे।
















