


भागलपुर नगर निगम की नवनिर्वाचित सशक्त स्थायी समिति की पहली बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मेयर डॉ. वसुंधरा लाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ट्रैफिक जाम, जलजमाव, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर व्यापक चर्चा हुई तथा कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों और व्यस्त चौक-चौराहों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्रमुख स्थानों पर कार एवं बाइक पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने, सुभाष चौक, पटेल चौक से तिलकामांझी रिंग रोड तक सौंदर्यीकरण कार्य कराने तथा शहर के प्रवेश द्वारों पर बने तोरणद्वारों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भी रखा गया।
आगामी मानसून को देखते हुए शहर को जलजमाव से मुक्त करने के लिए हथिया नाले की विशेष उड़ाही कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए पोकलेन मशीन किराये पर लेने की स्वीकृति दी गई। प्रत्येक वार्ड में नाला सफाई कार्य को तेज करने के लिए पांच अतिरिक्त मजदूरों की तैनाती तथा 10 मजदूरों की एक विशेष आरक्षित टीम गठित करने का भी प्रस्ताव रखा गया। खुले नालों पर ढक्कन लगाने और क्षतिग्रस्त पुलियों के निर्माण पर भी जोर दिया गया।
बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने चिंता व्यक्त की। कई सदस्यों ने सफाई एजेंसियों के कार्य पर सवाल उठाते हुए लापरवाह एजेंसियों को हटाकर नई निविदा जारी करने की मांग की। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी देने पर भी विचार किया गया।
शहर में बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए डीप बोरिंग कराने तथा प्रत्येक वार्ड में कम से कम दो नए प्याऊ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। अवैध जल कनेक्शनों की जांच और जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव के लिए विशेष टीम गठित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में सभी 51 वार्डों में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदलने, नई एलईडी एवं हाईमास्ट लाइट लगाने तथा पिछले छह माह से बंद पड़े विद्युत शवदाह गृह को पुनः चालू करने का भी निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक दो दिनों के भीतर वार्डों में खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
नगर निगम की पहली स्थायी समिति बैठक में लिए गए इन फैसलों को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से भागलपुर की यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, जलनिकासी और नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
















