


भागलपुर का लाइफलाइन माने जाने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और राहत एवं वैकल्पिक व्यवस्था तेजी से लागू की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा लोगों को तत्काल राहत देने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बरारी पुल घाट के समीप जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव तथा उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह स्वयं अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि घाट के पास मेडिकल टीम की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा यात्रियों के लिए शेड (बैठने की व्यवस्था) बनाया गया है तथा पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि प्रशासन की ओर से 10 सरकारी नावों का संचालन शुरू किया जा रहा है, जिससे आम लोग मुफ्त में नदी पार कर सकेंगे। वहीं, जिन यात्रियों को तत्काल आवागमन की आवश्यकता है, उनके लिए निजी नाव की भी व्यवस्था की गई है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित शुल्क तय किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि कोशिश की जा रही है कि लोगों को न्यूनतम परेशानी हो और वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जब तक सेतु की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी जरूरी सुविधाएं जारी रहेंगी।
इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने भी मौके पर मीडिया से बातचीत कर प्रशासन द्वारा किए जा रहे इंतजामों की जानकारी दी और लोगों से सहयोग की अपील की।















