


भागलपुर सहित देश और दुनिया भर में जैन समाज द्वारा विश्व णमोकार दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से णमोकार मंत्र का उच्चारण कर वैश्विक शांति, अहिंसा और मानव कल्याण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के बुजुर्ग, महिलाएं एवं युवाओं ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में णमोकार मंत्र का जाप करते हुए विश्व में शांति, सौहार्द और भाईचारे की स्थापना की कामना की।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में हिंसा और संघर्ष का माहौल बना हुआ है, जिससे मानवता प्रभावित हो रही है। ऐसे दौर में जैन धर्म का मूल सिद्धांत “अहिंसा परमो धर्मः” पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।
उन्होंने कहा कि अहिंसा केवल एक धार्मिक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में अहिंसा, सहिष्णुता और सद्भावना को अपनाए, तो समाज में शांति और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर यह भी संदेश दिया गया कि आज के तनावपूर्ण और संघर्षपूर्ण वातावरण में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाकर ही एक स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के माध्यम से जैन समाज ने विश्व समुदाय से अपील की कि वे हिंसा से दूर रहकर प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ जीवन यापन करें, ताकि एक बेहतर और शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण किया जा सके।















