


पूर्णिया: जिले में वर्ष 2026 के जनवरी से अप्रैल माह के बीच चिन्हित चार मलेरिया मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार कर उन्हें सुरक्षित किया गया है। यह जानकारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. आर.पी. मंडल ने दी। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और इलाज के कारण सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इन मरीजों में एक केस के. नगर प्रखंड, एक बायसी प्रखंड तथा दो मामले पूर्णिया पूर्व शहरी क्षेत्र से सामने आए थे, जिनका स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुचित उपचार किया गया।
25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम “ड्रिवेन टू एंड मलेरिया: नाउ वी कैन. नाउ वी मस्ट.” निर्धारित की गई है। राज्य मलेरिया कार्यालय के निर्देशानुसार जिले में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2030 तक बिहार में मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है।
भीडीसीओ रवि नंदन सिंह ने बताया कि लगातार 24, 48 या 72 घंटे के अंतराल पर बुखार आना, ठंड लगना और अत्यधिक पसीना आना मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं। यह बीमारी मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत इलाज कराएं, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
















