



भागलपुर: मुहर्रम के अवसर पर सोमवार को पारंपरिक अखाड़ा जुलूस के दौरान शहर के शाहजंगी मेला मैदान के पास उस समय हिंसक झड़प हो गई, जब ‘पहलाम’ निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ हो रही थी। इस घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी और भय का माहौल पैदा कर दिया।
बताया जा रहा है कि खंजरपुर, हुसैनाबाद, मीरगयासचक और नाथनगर के युवाओं के बीच जुलूस में आगे-पीछे चलने को लेकर विवाद शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले कहासुनी हुई, फिर देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई और बाद में लाठी-डंडे चलने लगे।
इस झड़प में कई लोग घायल हो गए हैं, जिनमें कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब बेकाबू भीड़ ने खंजरपुर अखाड़ा को चारों ओर से घेर लिया और ताजिया पर हमला कर दिया। इस हमले से समुदाय विशेष की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची, जिससे इलाके में तनाव और अधिक बढ़ गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद समय पर हालात को काबू में नहीं किया गया, जिससे कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
हिंसा की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इस दौरान कई स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्ती बढ़ा दी गई है।
इस घटना को लेकर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष महबूब आलम ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मुहर्रम शांति, भाईचारे और बलिदान का प्रतीक है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने प्रशासन से इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने अब तक दोनों पक्षों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही है। जिला प्रशासन ने पूरे शहर में सतर्कता बढ़ा दी है, फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।














