


नवगछिया।
शहर के शहीद टोला स्थित चैती दुर्गा मंदिर में चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सप्तमी तिथि की संध्या को मंदिर का पट खुलते ही विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ हो गई, जिसके साथ ही क्षेत्र में धार्मिक माहौल और अधिक गहरा हो गया।
सप्तमी की रात्रि में विधि-विधान के साथ निशा पूजा एवं बलि अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके पश्चात गुरुवार को अष्टमी व्रत के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। पूरे दिन माता के दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा।
अष्टमी के दिन भक्तों ने विधिपूर्वक उपवास रखकर मां दुर्गा की आराधना की। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं और हर कोई माता रानी के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आया। शाम होते-होते मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धालुओं से भर गया।
संध्या के समय चंदन म्यूजिकल ग्रुप की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें एक से बढ़कर एक देवी गीत प्रस्तुत किए गए। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। देर रात तक जगराता का आयोजन चलता रहा, जिसमें भक्तों ने माता का गुणगान किया।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया, “हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चैती दुर्गा पूजा पूरे विधि-विधान और भव्यता के साथ आयोजित की जा रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसे देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी को असुविधा न हो।”
वहीं मंदिर के पुजारी पंडित अजीत पांडे ने कहा, “सप्तमी से लेकर नवमी तक माता की विशेष पूजा का महत्व होता है। अष्टमी के दिन माता की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यहां लगातार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई जा रही है।”
आयोजन समिति द्वारा सुरक्षा, साफ-सफाई एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया है।
चैती दुर्गा पूजा के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रबल किया है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता और एकजुटता का भी सुंदर संदेश दिया है।













