


भागलपुर। स्मार्ट सिटी भागलपुर में इन दिनों ‘सूखा नशा’ यानी
ब्राउन शुगर का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, जो अब गंभीर सामाजिक समस्या का रूप लेता जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस नशे की चपेट में अब किशोरों के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चे भी आने लगे हैं।
जानकारों के अनुसार यह नशा बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इसके सेवन से बाहरी तौर पर तुरंत पहचान करना कठिन होता है। यही कारण है कि युवा वर्ग इसे आसानी से छिपाकर अपनाने लगता है। लगातार सेवन करने पर व्यक्ति मानसिक रूप से निर्भर हो जाता है, जिससे उसके व्यवहार, सोच और जीवनशैली में नकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। कई मामलों में नशे की लत के कारण युवा चोरी और छिनतई जैसे अपराधों की ओर भी बढ़ रहे हैं।

इस बढ़ती समस्या को लेकर सिटी डीएसपी ने चिंता व्यक्त करते हुए आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार कार्रवाई और जागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के दो प्रमुख पहलू हैं—सप्लाई और डिमांड। सप्लाई साइड पर पुलिस नशा तस्करों की पहचान कर उनके नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है, वहीं डिमांड साइड पर स्कूलों, मोहल्लों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर बच्चों एवं अभिभावकों को सतर्क किया जा रहा है।
डीएसपी ने अभिभावकों और शिक्षकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें तथा उन्हें पढ़ाई, खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ी का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से ही इस बढ़ते नशे के खतरे पर रोक लगाई जा सकती है।













