


पूर्णिया।पूर्णिया के विद्या विहार आवासीय विद्यालय स्थित रमेश चंद्र मिश्रा सभागार में आयोजित तीन दिवसीय ज्ञान संगम 2026 के द्वितीय दिवस का आयोजन शनिवार को साहित्यिक ऊर्जा, वैचारिक संवाद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सब हिमालयन रिसर्च इंस्टीट्यूट (SHRI) द्वारा आयोजित इस लिटरेरी एवं कल्चरल फेस्टिवल में दूसरे दिन भी साहित्य, कला और संस्कृति के विविध आयामों की सजीव प्रस्तुति देखने को मिली।
द्वितीय दिवस पर पुस्तक स्टॉल, कला प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। विद्यालय की कक्षा 8, 9, 11 एवं 12 (आर्ट्स संकाय) के विद्यार्थियों ने विभिन्न सत्रों में भाग लेकर साहित्यिक विमर्शों से ज्ञान अर्जित किया तथा कला एवं पुस्तक प्रदर्शनियों का अवलोकन कर अपनी समझ को समृद्ध किया।
प्रथम सत्र “उप-हिमालयी क्षेत्र के जीवन संसार की कल्पना” विषय पर आयोजित हुआ, जिसे साहित्यकार फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ को समर्पित किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे ने की, जबकि प्रो. रत्नेश्वर मिश्रा, प्रो. मनींद्र नाथ ठाकुर, प्रेमकुमार मणि एवं पुष्यमित्र ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
द्वितीय सत्र “हमारे समय की कविताएँ” विषय पर केन्द्रित रहा, जो जनार्दन प्रसाद झा ‘द्विज’ को समर्पित था। अध्यक्षता प्रो. मनींद्र नाथ ठाकुर ने की। इस दौरान प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे, प्रो. सविता सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह, डॉ. कुमार वरुण एवं केतन यादव ने समकालीन कविता की प्रवृत्तियों पर चर्चा की।
तृतीय सत्र “कहानी और हमारा जीवन” विषय पर आयोजित हुआ, जिसे लिली राय को समर्पित किया गया। इसकी अध्यक्षता डॉ. के. श्रीनिवास राव ने की। सत्र में प्रेमकुमार मणि, संतोष सिंह, अमल कुमार झा एवं रहबान अली राकेश सहित वक्ताओं ने कहानी साहित्य की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार रखे।
चतुर्थ सत्र संवाद कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया, जो लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु’ को समर्पित था। अध्यक्षता प्रेमकुमार मणि ने की, जबकि प्रो. सविता सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह एवं प्रो. मनींद्र नाथ ठाकुर ने साहित्य और समाज के बदलते स्वरूप पर चर्चा की।
दिवस का अंतिम एवं आकर्षक सत्र कवि सम्मेलन एवं कविता पाठ रहा, जिसे रवीन्द्र नाथ ठाकुर को समर्पित किया गया। अध्यक्षता प्रो. सविता सिंह ने की। इस दौरान महेश विद्रोही, सुनील समदर्शी, मंजुला उपाध्याय मंजु, डॉ. एम.डी. मुजाहिद हुसैन, डॉ. उषा शरण, गिरिजा नंद मिश्रा, रंजीत तिवारी, गोविंद प्रसाद, स्नेहा किरण, डॉ. प्रेरणा, डॉ. अंकिता, विवेक राय, दिव्या त्रिवेदी सहित अनेक कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का मंच संचालन SHRI के सहायक निदेशक डॉ. रमन जी ने किया। वहीं वीवीआईटी के एनएसएस स्वयंसेवकों ने राहुल जी के नेतृत्व में अनुशासन व्यवस्था एवं आयोजन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महोत्सव में राजकमल प्रकाशन, सेतु प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रगतिशील प्रकाशन सहित विभिन्न प्रकाशनों के पुस्तक स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। साथ ही मणिपुरी बैम्बू आर्किटेक्चर, चित्रकला, टेक्सटाइल कला, लिप्पन पेंटिंग एवं विभिन्न संस्थानों की कला प्रदर्शनियों ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
इस आयोजन को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, वीवीआईटी, पावरग्रिड, INTACH, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक एवं जनमन फाउंडेशन सहित विभिन्न संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हुआ। पूर्णिया एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं एवं बुद्धिजीवी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन पर विद्या विहार आवासीय विद्यालय के सचिव एवं वीवीआईटी के अध्यक्ष राजेश चंद्र मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
ज्ञान संगम 2026 का द्वितीय दिवस साहित्य, कला और रचनात्मक संवाद का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर प्रतिभागियों के मन पर गहरी छाप छोड़ गया।
















