


भागलपुर समेत पूरे बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जिले में तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीटवेव की आशंका जताई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे हालात में बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भागलपुर के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार सिंह ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस भीषण गर्मी में बच्चों का विशेष ख्याल रखें। उन्होंने बताया कि अचानक बढ़ते तापमान का सबसे अधिक असर नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों पर पड़ता है। गर्मी के कारण उनका पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटने लगती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।
डॉ. सिंह के अनुसार, बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाना सबसे जरूरी है। इसके लिए उन्हें नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। साथ ही ओआरएस, नारियल पानी और नींबू पानी जैसे तरल पदार्थ भी बेहद लाभकारी होते हैं। उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की कमी होने पर बच्चों में कमजोरी, चक्कर और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए समय रहते सतर्क रहना जरूरी है।
उन्होंने सलाह दी कि तेज धूप के समय, विशेषकर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, बच्चों को घर से बाहर न निकालें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो बच्चों को हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं तथा सिर को ढककर रखें। घर के अंदर भी बच्चों को ठंडे और हवादार वातावरण में रखें।
डॉ. अजय कुमार सिंह ने अभिभावकों से बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को ताजा और हल्का भोजन दें तथा किसी भी प्रकार की तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि समय पर उपचार मिल सके।
















