


नाविकों की मनमानी और भारी भीड़ से यात्रियों को हो रही दिक्कत
नवगछिया । विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन के लिए जलमार्ग लोगों का मुख्य सहारा बन गया है। ऐसे में महादेवपुर घाट पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को सुबह से देर शाम तक घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और लोगों को नाव सेवा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
तेज धूप, उमस भरी गर्मी और उड़ते बालू के कारण यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। खासकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नाव पर चढ़ने और उतरने के दौरान अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।

इसी दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। परीक्षा देने जा रही एक छात्रा नाव पर चढ़ने के दौरान बांस की चचरी पुल पर संतुलन खो बैठी और डगमगाने लगी। मौके पर मौजूद आपदा मित्र पंकज कुमार, नंदकिशोर और पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए छात्रा को संभाल लिया, जिससे वह नदी में गिरने से बच गई।
इलाज के लिए जा रही लाखो देवी ने बताया कि घाट तक पहुंचने के लिए काफी दूर पैदल चलना पड़ा और यहां भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह कार्यालय जाने वाले कर्मियों और शाम में लौटने वाले लोगों की भीड़ से घाट पर स्थिति और खराब हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम पांच बजे के बाद नाव सेवा बंद हो जाने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं नाविकों पर मनमानी करने और अधिक भीड़ होने के बावजूद पर्याप्त नाव सेवा नहीं देने का आरोप भी लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों और यात्रियों ने प्रशासन से घाट पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने, सुरक्षा उपाय बढ़ाने और यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर प्रबंधन करने की मांग की है।
















