


छात्र राजद ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
पूर्णिया । पूर्णिया विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए स्नातक नामांकन आवेदन शुल्क को लेकर छात्र राजनीति तेज हो गई है। सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (छात्र राजद) के अध्यक्ष पीयूष पुजारा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों से “अनावश्यक और अवैध शुल्क वसूली” का आरोप लगाते हुए आवेदन प्रक्रिया को निःशुल्क करने की मांग की है।

इस संबंध में छात्र राजद की ओर से कुलसचिव के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूचना संख्या PUP (DSW-09/26)-DSW 39/26 के तहत यूजी नामांकन आवेदन के लिए सामान्य, बीसी, ईबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों से 600 रुपये तथा एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों से 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
पीयूष पुजारा ने आरोप लगाया कि यह शुल्क पूरी तरह निराधार है और सीमांचल जैसे आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से कमजोर क्षेत्र के छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा न तो कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है और न ही आवेदन प्रक्रिया में ऐसा कोई अतिरिक्त खर्च आता है, जिसके आधार पर इतनी बड़ी राशि वसूली जाए।
उन्होंने कहा कि पड़ोसी विश्वविद्यालयों की तुलना में भी पूर्णिया विश्वविद्यालय अधिक शुल्क वसूल रहा है। उनके अनुसार बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में लगभग 150 रुपये तथा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में करीब 200 रुपये आवेदन शुल्क लिया जाता है, जबकि पूर्णिया विश्वविद्यालय छात्रों से 600 रुपये वसूल रहा है।

छात्र राजद अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों को उनके अधिकारों की जानकारी नहीं होने का फायदा उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन अविलंब इस अधिसूचना को रद्द कर निःशुल्क आवेदन की घोषणा नहीं करता है, तो छात्र राजद 28 मई से भूख हड़ताल शुरू करेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। साथ ही कहा कि छात्रहित के मुद्दे पर संगठन पीछे हटने वाला नहीं है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
















