


पूर्णिया। नेत्रदान, अंगदान और देहदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति बिहार के तत्वावधान में रविवार को पूर्णिया में भव्य ब्लाइंड वॉक एवं क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों ने आंखों पर पट्टी बांधकर भाग लिया और दृष्टिबाधित लोगों के जीवन की कठिनाइयों को महसूस करते हुए समाज को नेत्रदान और अंगदान के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर से ब्लाइंड वॉक के साथ हुई। सिक्किम के पूर्व राज्यपाल एवं दधीचि देहदान समिति बिहार के अध्यक्ष गंगा प्रसाद, पद्मश्री विमल जैन, जीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. हरिशंकर मिश्रा तथा डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। ब्लाइंड वॉक जीएमसीएच से निकलकर लाइन बाजार चौक, कुंडी पुल होते हुए मां पंचादेवी अस्पताल परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा में जन्म से दृष्टिबाधित कई लोगों के अलावा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान भट्टा बंगला मध्य विद्यालय के बैंड दल, किलकारी बिहार बाल भवन तथा डेयर टू डांस अकादमी के कलाकारों ने लोकनृत्य, झिझिया, कजरी एवं छठ गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।

क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि मनुष्य जीवन की एक पारी इस शरीर के साथ पूरी करता है, लेकिन नेत्रदान, अंगदान और देहदान के माध्यम से उसकी दूसरी पारी शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद को आंखें, अंग या शरीर देकर उसके जीवन में प्रकाश और नई उम्मीद लाई जा सकती है। समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
दधीचि देहदान समिति के राज्य उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के आयोजक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि पूर्णिया में अब तक 18 लोगों का मरणोपरांत नेत्रदान कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित ब्लाइंड वॉक और क्षेत्रीय सम्मेलन पूर्णिया के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
पद्मश्री विमल जैन ने कहा कि दधीचि देहदान समिति का विस्तार अब पूर्णिया के साथ-साथ पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र में हो रहा है, जो संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान और अंगदान के माध्यम से लोग मृत्यु के बाद भी दूसरों के जीवन में प्रकाश और उम्मीद बन सकते हैं।
सम्मेलन के दौरान अरुण सत्यमूर्ति ने उपस्थित लोगों को नेत्रदान एवं अंगदान की शपथ दिलाई। इस अवसर पर पूर्णिया जिले के 18 नेत्रदानी परिवारों और आठ संकल्पित देहदानियों को पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद एवं पद्मश्री विमल जैन द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. ए.के. गुप्ता, पिंकी गुप्ता, हिना सईद, रविंद्र साह, रूपेश डूंगरवाल, सुमित प्रकाश, अमित कुमार, आलोक लोहिया, शंभू पंडित, कामिल खान, दीपक गुप्ता, अमर कुमार, अखिलेश आनंद, गौतम भौमिक, रूपक साह और मुन्ना कुमार सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ब्लाइंड वॉक में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंच, साइकिल एसोसिएशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, श्रीराम सेवा संघ, तेरापंथ संघ, मारवाड़ी युवा मंच, विश्व हिंदू युवा वाहिनी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, रोटरी क्लब, वीरांगना क्लब, जिला एथलेटिक्स संघ, ग्रीन पूर्णिया, बार एसोसिएशन, जनमन पीपल्स फाउंडेशन, आनंद फाउंडेशन सहित दर्जनों सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने लोगों से नेत्रदान, अंगदान और देहदान के प्रति जागरूक होने तथा मानवता की सेवा के इस अभियान से जुड़ने की अपील की।















