


पूर्णिया:
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें एवं अंतिम दिन विधायक विजय खेमका ने न्यायिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, उद्यमिता, कृषि, शिक्षा एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में उठाए।

अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से विधायक ने पूर्णिया सहित राज्य के विभिन्न न्यायालयों एवं न्याय मंडलों में सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए विधि विभाग द्वारा नियुक्त किए जाने वाले अपर लोक अभियोजक (एपीपी), सहायक महाधिवक्ता (एजीपी) एवं विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) के लंबे समय से रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 की सूची के सरकारी अधिवक्ताओं को वर्ष 2020 में पुनः कार्यरत किया गया था, लेकिन समय के साथ कई अधिवक्ता सेवानिवृत्त हो चुके हैं, कई का निधन हो चुका है तथा वर्ष 2023-24 के बाद नई सूची तैयार नहीं की गई है। उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला पदाधिकारी से नए पैनल की अनुशंसा प्राप्त कर शीघ्र नियुक्ति करने की मांग की।
तारांकित प्रश्न के माध्यम से विधायक ने पूर्णिया सहित पूरे प्रदेश में बिना निर्धारित मानकों का पालन किए संचालित निजी नर्सिंग होम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बिना निबंधन संचालित छोटे-बड़े नर्सिंग होम की व्यापक जांच कराने, अवैध संस्थानों को बंद कराने तथा दोषी संचालकों एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
शून्यकाल के दौरान विधायक विजय खेमका ने उद्योग, स्टार्टअप, कृषि एवं सहकारिता क्षेत्रों के समन्वित विकास के लिए बिहार उद्यमिता आयोग तथा बिहार कृषि सहकारिता आयोग के गठन का प्रस्ताव रखा। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र सौंपा।
गैर-सरकारी संकल्प के माध्यम से उन्होंने जेपी आंदोलन के दौरान जेल जाने, यातनाएं सहने तथा भूमिगत रहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को ‘जेपी आंदोलन सेनानी’ का दर्जा देने की मांग की।
इसके अलावा याचिका एवं निवेदन के माध्यम से विधायक ने पूर्णिया नगर निगम के वार्ड संख्या-34 स्थित आदर्श मध्य विद्यालय, पूर्णिया सिटी की चहारदीवारी निर्माण तथा ईस्ट ब्लॉक प्रखंड के विक्रमपुर पंचायत अंतर्गत परमानंद गांव के वार्ड संख्या-4 में बंगाली टोला से मंसूरी टोला तक सड़क निर्माण कराने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।
विधायक विजय खेमका ने कहा कि पांच दिवसीय मानसून सत्र के दौरान उन्होंने पूर्णिया के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्यायिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना, जेपी आंदोलन सेनानियों के सम्मान तथा जनसुविधाओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषय सदन में प्रभावी ढंग से उठाए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि संबंधित विभागों से प्राप्त आश्वासन के अनुरूप इन मांगों पर कार्रवाई होगी तथा पूर्णिया के समग्र विकास और जनहित से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा कराने के लिए उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
















