


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सबौर महाविद्यालय में गुरुवार को आयोजित सम्मान समारोह केवल दो शिक्षकों के अभिनंदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उपलब्धियों और लंबे इंतजार के बाद मिली पदोन्नति का भी प्रतीक बन गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने वरीय शिक्षक प्रो. (डॉ.) पारसमणि झा को प्राध्यापक पद पर पदोन्नति मिलने पर अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। इसी समारोह में डॉ. मयंक वत्स को 28 दिवसीय फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा करने और उनकी पुस्तक “चाइल्ड लेबर” के प्रकाशन के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान प्रो. (डॉ.) पारसमणि झा ने कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद उन्हें प्राध्यापक पद पर पदोन्नति मिली। उन्होंने कहा, “न्याय भले ही देर से मिला, परंतु मिला अवश्य।” उन्होंने बताया कि तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2016 के बाद वर्ष 2026 में प्राध्यापक पद पर पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेन्दु शेखर झा तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने कहा कि शिक्षक यदि निरंतर अध्ययन, शोध और अकादमिक उन्नयन के लिए प्रयासरत रहें, तो उसका सीधा लाभ विद्यार्थियों और संस्थान दोनों को मिलता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धियां महाविद्यालय की शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करती हैं और अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने दोनों सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी उपलब्धियों को महाविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय बताया। समारोह में महाविद्यालय के अनेक शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं प्रधान सहायक भी उपस्थित रहे।
















