


पूर्णिया। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ मंगलवार को पूर्णिया जिला नियोजन पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने सहयोग संस्था के सौजन्य से पौधारोपण किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में सहयोग संस्था के अध्यक्ष डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि जिला नियोजन पदाधिकारी आदित्य प्रकाश पर्यावरण संरक्षण के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं। उनके मार्गदर्शन में पूर्णिया जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित कौशल विकास केंद्रों के छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा उन्हें पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने के लिए जनसहभागिता आवश्यक है।
पौधारोपण के बाद जिला नियोजन पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने कहा कि श्रावण मास में बेल और शमी के पौधे लगाना धार्मिक एवं पर्यावरणीय दोनों दृष्टियों से शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे सरल, प्रभावी और स्थायी उपाय है। पेड़-पौधे न केवल मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पेड़ वातावरण में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं, जिससे वायु प्रदूषण कम होता है। इसके साथ ही धूल, धुआं और अन्य हानिकारक कणों को भी पेड़-पौधे अवशोषित कर वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के लिए पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है। पेड़-पौधे तापमान को नियंत्रित रखने, वर्षा जल के संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने तथा मिट्टी के कटाव को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा वे पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं को आश्रय प्रदान कर जैव विविधता के संरक्षण में भी योगदान देते हैं। घने वृक्ष ध्वनि प्रदूषण को कम करने में भी प्राकृतिक अवरोधक का कार्य करते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी करे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण मिल सके।
कार्यक्रम में नियोजन कार्यालय के कर्मियों एवं सहयोग संस्था के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर राजीव कुमार, अनुपम कुमार तथा डॉ. के.के. चौधरी सहित अन्य लोगों का सहयोग सराहनीय रहा।
















