


11 तैयार पिस्टल समेत भारी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री बरामद
चार कारीगर गिरफ्तार, एसटीएफ और बिहपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
नवगछिया । पुलिस जिला नवगछिया की बड़ी कार्रवाई में बिहपुर थाना क्षेत्र के टेकबाजपुर दियारा में संचालित एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। विशेष अभियान के तहत एसटीएफ और बिहपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मौके से 11 तैयार देशी पिस्टल, चार अर्द्धनिर्मित पिस्टल, 16 मैगजीन तथा हथियार निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में हथियार बनाने वाले चार कारीगरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक नवगछिया के निर्देश पर जिले में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 4 अगस्त को बिहपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि टेकबाजपुर दियारा स्थित निरंजन सिंह के बासा में अवैध रूप से देशी हथियार तैयार कर उनकी खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके पर हथियार निर्माण का पूरा नेटवर्क सक्रिय पाया। पुलिस ने वहां से 11 तैयार देशी पिस्टल, चार अर्द्धनिर्मित पिस्टल, 16 पिस्टल मैगजीन, .32 बोर के दो जिंदा कारतूस, हथियार निर्माण में प्रयुक्त 33 बड़ी लोहे की रेती, बेस मशीन, हैंड ड्रिल मशीन तथा अन्य कई उपकरण बरामद किए। इसके अलावा एक दोपहिया वाहन और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार अभियुक्त
पुलिस ने मौके से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वरदह मिर्जापुर निवासी मो. छेदी, मो. ओबेद और मो. फैयाज तथा भागलपुर जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र के दिलदारपुर निवासी पप्पू मंडल उर्फ प्रभात कुमार शामिल हैं।
दो अन्य नामजद अभियुक्तों की तलाश
इस मामले में बिहपुर थाना कांड संख्या 207/26 के तहत आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दो अन्य नामजद आरोपितों को भी अभियुक्त बनाया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त मो. फैयाज के विरुद्ध मुंगेर के मुफस्सिल थाना में आर्म्स एक्ट के दो पुराने मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अन्य आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड तथा उनके संभावित हथियार तस्करी गिरोह से संबंधों की भी गहन जांच कर रही है।
हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का हो सकता है खुलासा
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से अवैध हथियार तैयार कर विभिन्न जिलों में आपूर्ति कर रही थी। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर हथियारों की सप्लाई चेन, खरीददारों तथा पूरे गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस कार्रवाई को नवगछिया पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दियारा क्षेत्र में संचालित अवैध हथियार निर्माण इकाई का पर्दाफाश होने से क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों और हथियार तस्करों के नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
















