


पूर्णिया। मिल्लिया फखरूद्दीन अली अहमद बी.एड. टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रामबाग, पूर्णिया में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत मंगलवार को बी.एड. सत्र 2025-27 (द्वितीय वर्ष) के प्रशिक्षुओं ने पर्यवेक्षकों के नेतृत्व में दो आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने प्रभात कॉलोनी स्थित भूतनाथ मंदिर के समीप आंगनबाड़ी केंद्र तथा बाड़ी हाट, वार्ड संख्या-21, लाइन बाजार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भ्रमण कर साफ-सफाई की और वहां की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

अभियान के दौरान प्रशिक्षुओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों के अंदर एवं आसपास के परिसर की साफ-सफाई की। साथ ही केंद्रों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, बच्चों को मिलने वाले पोषाहार, खेल-खेल में सीखने की पद्धति तथा उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों में उपस्थित बच्चों एवं स्थानीय लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित हाथ धोने, साफ-सुथरे वातावरण में रहने तथा जलजमाव से बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन की आधारशिला है और इसकी शुरुआत घर एवं आसपास की साफ-सफाई से होती है।
अवलोकन के दौरान प्रशिक्षुओं ने नन्हें बच्चों से संवाद कर उनकी भाषा एवं सीखने की क्षमता को समझने का प्रयास किया। वहीं आंगनबाड़ी सेविकाओं से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। सेविकाओं ने बताया कि बच्चों को सप्ताह के सातों दिन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है तथा उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
कॉलेज के पर्यवेक्षकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखकर सामाजिक एवं व्यावहारिक अनुभवों से भी जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में संवेदनशील एवं जिम्मेदार शिक्षक बन सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ मिलकर अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में दोनों केंद्रों पर स्वच्छता अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शहवाज रिजवी ने दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं, सहायिकाओं तथा पर्यवेक्षक प्रवीण कुमार सिंह और राजीव कुमार सहित सभी प्रशिक्षुओं को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना का विकास करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के जनजागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया।
















