


भागलपुर। सावन के पवित्र महीने में सुल्तानगंज का नमामि गंगे घाट इन दिनों शिवभक्तों से गुलजार है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान करने के बाद पवित्र गंगाजल भर रहे हैं और उसे लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की यात्रा पर निकल रहे हैं। कच्ची कांवरिया पथ पर इन दिनों कांवरियों की भीड़ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

इसी बीच पश्चिम बंगाल से बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर पहुंचे शिवभक्तों की एक टोली की अनोखी कांवड़ श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस कांवड़ पर भगवान भोलेनाथ के बाल स्वरूप की प्रतिमा को विराजमान किया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी से सजी यह कांवड़ दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
कांवरियों ने भगवान भोलेनाथ के बाल स्वरूप को विशेष रूप से सजाकर कांवड़ पर स्थापित किया है। कांवड़ के साथ चल रहे युवा श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति के साथ ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए बाबा धाम देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। कच्ची कांवरिया पथ से गुजरने के दौरान इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए राहगीरों और अन्य श्रद्धालुओं की नजरें भी ठहर जा रही हैं।
श्रद्धालुओं के अनुसार, भगवान भोलेनाथ के बाल स्वरूप को कांवड़ पर विराजमान कर बाबा धाम तक ले जाने का उद्देश्य अपनी आस्था और भक्ति को अनोखे तरीके से व्यक्त करना है। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त लगातार पैदल यात्रा कर रहे हैं और रास्ते में मिलने वाले अन्य कांवरियों के साथ मिलकर भोलेनाथ का जयघोष कर रहे हैं।
सुल्तानगंज से देवघर तक कांवड़ यात्रा का मार्ग इन दिनों शिवभक्ति में डूबा हुआ है। जगह-जगह कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए पानी, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, कच्ची कांवरिया पथ पर कांवरियों की बढ़ती संख्या के बीच ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण लगातार भक्तिमय बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल से आए इन कांवरियों की अनोखी कांवड़ ने इस धार्मिक यात्रा में एक अलग आकर्षण जोड़ दिया है। रंगीन रोशनी से जगमगाती कांवड़ और उस पर विराजमान बाल स्वरूप भोलेनाथ की प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
कांवड़ लेकर बाबा धाम की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा के दौरान भक्ति, उत्साह और आस्था का परिचय दिया। उनका कहना है कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा और भोलेनाथ के आशीर्वाद से वे अपनी यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचकर बाबा को गंगाजल अर्पित करेंगे।
सुल्तानगंज से देवघर तक चल रही इस कांवड़ यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं की आस्था और विविध रंग देखने को मिल रहे हैं। बाल स्वरूप भोलेनाथ वाली यह अनोखी कांवड़ भी इसी आस्था और भक्ति का सुंदर उदाहरण बनकर कच्ची कांवरिया पथ से गुजरने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
















