


@ 28 अगस्त से शुरू होना था डी-लॉन्चिंग, चार सप्ताह के लिए टला काम; नदी का जलस्तर बना वजह।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा के ऊंचे जलस्तर ने विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज हटाने की तैयारियों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। आम लोगों के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था में संभावित दिक्कतों को देखते हुए बेली ब्रिज की प्रस्तावित डी-लॉन्चिंग को चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस आशय की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है।
पहले बेली ब्रिज को 28 अगस्त 2026 से डी-लॉन्च करने की योजना थी। अब यह काम निर्धारित तिथि पर शुरू नहीं होगा। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई है।
गंगा का जलस्तर बना सबसे बड़ा कारण:
फिलहाल गंगा नदी में उच्च जलस्तर बना हुआ है। ऐसे में बेली ब्रिज को हटाने के दौरान यदि आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था प्रभावित होती है तो लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। इसी संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल काम टालने का निर्णय लिया है।
यह फैसला सीधे तौर पर आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ा है। प्रशासन किसी भी ऐसी स्थिति से बचना चाहता है जिसमें एक ओर गंगा का बढ़ा जलस्तर हो और दूसरी ओर प्रमुख मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाए।
अब चार सप्ताह बाद नई तारीख:
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अनुसार डी-लॉन्चिंग कार्य चार सप्ताह के लिए स्थगित किया गया है। इसकी नई तारीख बाद में अलग से जारी की जाएगी। संशोधित कार्यक्रम मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसका मतलब यह भी है कि फिलहाल बेली ब्रिज अपनी मौजूदा स्थिति में बना रहेगा और उसे हटाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू नहीं होगी।
लोगों की सुविधा पर प्रशासन की नजर:
जिला प्रशासन ने कहा है कि आमजनों की सुविधा, सुरक्षा और निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंगा के जलस्तर और परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल गंगा का पानी बढ़ा है तो बेली ब्रिज हटाने की तारीख पीछे खिसक गई है। अब सबकी नजर गंगा के जलस्तर और अगले चार सप्ताह में बनने वाली परिस्थितियों पर रहेगी। संशोधित तिथि आने के बाद ही तय होगा कि बेली ब्रिज को हटाने का काम कब शुरू किया जाएगा।
















