


हवन-पूजन, रुद्राभिषेक, आरती एवं कलश विसर्जन के बाद कांवरियों की सेवा में जुटे सहयोगियों को किया गया सम्मानित
पूर्णिया। विश्वकर्मा नगर, कटोरिया (बांका) में श्रावण मास के प्रथम दिवस से आयोजित 30 दिवसीय निःशुल्क पूर्णिया सेवा शिविर का गुरुवार, 27 अगस्त को विधिवत पूजा-अर्चना, हवन, रुद्राभिषेक, आरती एवं कलश विसर्जन के साथ आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। समापन अवसर पर शिविर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान भोलेनाथ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

समापन कार्यक्रम में निःशुल्क पूर्णिया सेवा शिविर के अध्यक्ष राजीव राय, संयोजक प्रवीण चौरसिया, ट्रस्टी सदस्य जितेंद्र यादव, श्रीप्रसाद महतो, आमोद मंडल, मनोज साह, बबलू चौधरी, विवेका यादव, संजय सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने हवन-पूजन, रुद्राभिषेक और आरती में हिस्सा लिया। इस दौरान भगवान भोलेनाथ से पूर्णियावासियों सहित पूरे जिले में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।
पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान से कलश विसर्जन किया गया। इसके पश्चात शिविर में स्थापित त्रिशूल को उठाकर 30 दिवसीय निःशुल्क पूर्णिया सेवा शिविर का औपचारिक समापन किया गया। पूजन एवं हवन का आयोजन पंडित आचार्य अमित बाबा सहित विद्वान पंडितों और पुरोहितों ने वैदिक विधि-विधान के साथ कराया।

समापन के बाद शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं और लोगों के बीच प्रसाद स्वरूप खिचड़ी का वितरण किया गया। इस दौरान एक माह तक चले सेवा कार्य की यादों और अनुभवों को भी साझा किया गया।
2013 से जारी है कांवरियों की सेवा
निःशुल्क पूर्णिया सेवा शिविर के अध्यक्ष राजीव राय ने कहा कि वर्ष 2013 से शिवभक्त कांवरियों की सेवा का यह सिलसिला निरंतर जारी है। शिवभक्त कांवरियों की सेवा करने का अवसर मिलना स्वयं में सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि 30 दिनों तक जिस श्रद्धा, समर्पण और सेवाभाव के साथ ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने कांवरियों की सेवा की, उसके लिए सभी धन्यवाद के पात्र हैं। कांवरिया पथ पर आने वाले शिवभक्तों की सेवा को केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ की आराधना का माध्यम माना गया। इसी भावना के साथ पूरे श्रावण मास में सेवा कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया गया।
कांवरियों के लिए भोजन से लेकर विश्राम तक की सुविधा
ट्रस्टी सदस्य जितेंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2013 से चली आ रही परंपरा के तहत श्रावण मास के प्रथम दिवस 30 जुलाई से विश्वकर्मा नगर, कटोरिया, बांका में 30 दिवसीय निःशुल्क पूर्णिया सेवा शिविर का आयोजन किया गया था। गुरुवार को हवन-पूजन, रुद्राभिषेक, आरती, कलश विसर्जन और प्रसाद वितरण के साथ शिविर का विधिवत समापन हुआ।
उन्होंने बताया कि एक माह तक चले इस सेवा शिविर में डाकबम, पैदल कांवर यात्रियों और दांडी बम के लिए ठंडा-गरम पानी, चाय, नाश्ता, दिन-रात भोजन, फलाहार, काजू, किशमिश और लस्सी सहित विभिन्न सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
कांवरियों के लिए विश्रामालय, स्नानागार और शौचालय की भी व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा चिकित्सकों और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई गई। कांवरियों के पैरों एवं शरीर की थकान दूर करने के लिए भी विभिन्न प्रकार की सेवा लगातार की गई।
जितेंद्र यादव ने कहा कि शिविर में प्रतिदिन हजारों कांवरियों को सुबह-शाम नाश्ता, भोजन और फलाहार कराया जाता था। इसके साथ ही प्रतिदिन कलाकारों द्वारा भक्ति संगीत और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे। इससे सेवा कार्य के साथ पूरे शिविर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण भी बना रहा।
सेवा से मिला आत्मिक संतोष
जितेंद्र यादव ने कहा कि पूरे एक माह तक शिवभक्तों की सेवा करने से सभी कार्यकर्ताओं को आत्मिक संतोष और सुखद अनुभूति हुई। प्रयास यही रहा कि शिविर में पहुंचने वाले किसी भी कांवरिया को सेवा और सुविधा के मामले में परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिन-रात शिविर में सेवा के लिए तैनात रहे। सभी ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ किया।
समापन अवसर पर मौजूद सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने अगले वर्ष भी इसी श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ शिवभक्त कांवरियों की सेवा करने का संकल्प लिया।
सहयोग करने वालों के प्रति जताया आभार
समापन अवसर पर ट्रस्टी सदस्यों ने शिविर की सफलता में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले पूर्णियावासियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 30 दिवसीय सेवा शिविर को सफल बनाने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेवा और समर्पण की सामूहिक भावना ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।
एक माह तक चले शिविर के सफल संचालन में रसोइयों, टेंट कर्मियों, लाइट व्यवस्था से जुड़े लोगों सहित विभिन्न स्तर पर सेवा देने वाले लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन अवसर पर शिविर में पूरे एक माह तक अपनी सेवाएं देने वाले रसोइयों, टेंट वालों, लाइट वालों सहित तमाम सहयोगियों और सदस्यों को सम्मानित किया गया।
इस प्रकार 30 दिवसीय निःशुल्क पूर्णिया सेवा शिविर का समापन हवन-पूजन, रुद्राभिषेक, आरती, कलश विसर्जन, प्रसाद वितरण और सम्मान समारोह के साथ सेवा, साधना और शिवभक्ति के भावपूर्ण संगम के रूप में हुआ।
















